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राजाजी टाइगर रिजर्व के 21 श्रमिकों की सेवाएं समाप्त

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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राजाजी टाइगर रिजर्व में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी नौकरी का दावा करने वाले 21 दैनिक श्रमिकों/सामयिक कर्मकारों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। पार्क निदेशक सनातन सोनकर ने इसका आदेश जारी कर शासन को अवगत करा दिया है। वहीं, जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि स्थायी नौकरी का अभ्यर्थन करने वाले दैनिक श्रमिकों के फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने में पार्क के तीन रेंजरोें ने मदद की। पार्क निदेशक का कहना है कि तीनों रेंजरों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
राजाजी टाइगर रिजर्व के 21 दैनिक श्रमिकों ने स्थायी नौकरी के लिए आवेदन किया, लेकिन पार्क निदेशक सनातन सोनकर प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इसके बाद श्रमिकाें ने अदालत की शरण ली। अदालत ने आदेश जारी किया कि सरकार इस संबंध में अपने स्तर पर उचित निर्णय ले। इसके बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने पार्क निदेशक सनातन सोनकर की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित कर जांच करने और उचित कार्रवाई करने की बात कही। जांच में दैनिक श्रमिकों के दस्तावेज और साक्ष्य गलत पाए गए। निदेशक के अनुसार, जांच में यह बात भी सामने आई है कि पार्क के तत्कालीन रेंजर बृज बिहारी शर्मा, अनूप सिंह और तेजपाल सिंह पंवार ने श्रमिकों से मिलीभगत कर सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर कागजात सौंपे।
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21 दैनिक श्रमिकों की सेवाएं समाप्त कर शासन को बता दिया गया है। इन्होंने पार्क मेें कभी काम ही नहीं किया और उनका एक ही माह में दो साल का बाउचर चार्ज कर दिया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि कई दैनिक श्रमिक स्कूल में पढ़ाई करने के साथ ही पार्क में काम करते भी दिखाए गए हैं। सामयिक कर्मकार की सूची में दैनिक श्रमिकोें को तभी शामिल किया जाता है, जब वे तीन साल बतौर दैनिक श्रमिक कर चुके हों, लेकिन कई श्रमिकों को एक या दो साल में ही सामयिक कर्मकार का दर्जा दे दिया गया।
-पार्क निदेशक सनातन सोनकर
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