ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए सभी 13 जिलों में विशेष ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोले जाएंगे। विदेशों की तर्ज पर इन अत्याधुनिक ट्रेनिंग स्कूलों के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से बजट जारी होगा। इसके बाद इन स्कूलों में प्रशिक्षण लेने वालों को ही परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगा।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की बैठक में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के बढ़ते आंकड़ों पर गहरी चिंता जताई गई। चर्चा में यह बात भी सामने आई कि ज्यादातर सड़क हादसे चालकों की लापरवाही से होते हैं। लिहाजा इस बात पर सहमति बनी कि देश के सभी राज्यों के सभी जिलों में स्पेशल ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खोले जाएं और इसमें प्रशिक्षण लेने वालों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी हों। उन्होंने बताया कि एक स्कूल के लिए एक करोड़ का बजट केंद्र सरकार देगी। शेष बजट राज्य सरकार को वहन करना होगा।
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पिछले साल सड़क हादसों में गईं 773 जानें
आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जनवरी से नवंबर तक प्रदेश में 1338 सड़क दुर्घटनाएं हुईं और इनमें 773 लोगों को जान गंवानी पड़ी। अपर परिवहन आयुक्त का कहना है कि अभी परिवहन विभाग के पास ट्रेनिंग स्कूल नहीं है। ऐसे में चालक निजी ट्रेनिंग स्कूलों में वाहन चलाना सीखते हैं, जो पर्याप्त नहीं है। स्पेशल ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल खुलने के बाद सड़क हादसे रोकने में मदद मिलेगी।