तकनीक से कसेगा कालाबाजारी पर शिकंजा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
खाद्यान्न वितरण प्रणाली को जल्द हाईटेक किया जाएगा। विभाग की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। इसके तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का कंप्यूटराइजेशन किया रहा है। इसके अलावा प्रदेश की 9200 राशन की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में डवलप किया जा रहा है, जहां विभिन्न प्रमाण-पत्र बनवाने सहित कई सेवाएं उपलब्ध होंगी।
शासन को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में गड़बड़ियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की है। जिसके तहत अब प्रदेश भर की खाद्यान्न वितरण प्रणाली का डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है। जिससे राशन की कालाबाजारी पर रोक लग सकेगी।
इसके तहत सरकारी खाद्यान्न गोदाम से राशन डीलर की दुकान तक पहुंचने तक का रिकॉर्ड रखा जाएगा। खाद्यान्न जब राशन की राशन पर पहुंच जाएगा तो संबंधित उपभोक्ताओं के मोबाइल पर मैसेज के जरिये इसकी सूचना पहुंच जाएगी। इस व्यवस्था का लागू करने के लिए सभी राशन की दुकानों में बायोमीट्रिक डिवाइस लगाई जा रही हैं। इसके तहत डिवाइस में उपभोक्ता के बायोमीट्रिक निशान के बाद ही उन्हें खाद्यान्न दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश की लगभग 9200 राशन की दुकानों को सीएससी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें आय प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, विभिन्न बिल ऑनलाइन जमा करने, जॉब फॉर्म भरने जैसी कई सेवाएं उपलब्ध होंगी। जिससे लोगों को तहसील के चक्कर काटने से निजात मिलेगी।
कोट :
प्रदेश में राशन वितरण की व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है। राशन की दुकानों और गोदाम को आनलाइन करने की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है। राशन की दुकानों को सीएससी के रूप में डेवलप करने का फैसला भी हो चुका है। जल्द की इस पर भी काम शुरू किया जाएगा।
- विपिन कुमार, जिला आपूर्ति अधिकारी