ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून/ मसूरी
बार लाइसेंस की सालाना फीस में करीब दो लाख रुपये की बढ़ोत्तरी किए जाने पर प्रदेशभर के होटल संचालकों ने विरोध जताया है। मसूरी और देहरादून में बैठक कर उन्होंने सरकार से इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लाइसेंस फीस बढ़ाने से प्रदेश में सबसे ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने वाला पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित होगा।
होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि बार लाइसेंस फीस तीन से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है। होटल व्यवसायी फीस कम होने की उम्मीद कर रहे थे। प्रदेश में पर्यटन सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला उद्योग है। ऐसे में सरकार को उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन सरकार ऐसा करने के बजाय इस उद्योग को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। एक तरफ प्राइवेट बार लाइसेंस की फीस बढ़ाई जा रही है तो दूसरी तरफ सरकार जीएमवीएन और केेएमवीएन को 50 फीसदी तक छूट दे रही है।
उन्होंने कहा कि इसके विरोध में प्रदेशभर के होटल व्यापारी सरकार के सामने अपना पक्ष रखेंगे। वह सरकार से निर्णय की समीक्षा करने की मांग करेंगे। कुमाऊं और गढ़वाल के होटल संचालक संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर सरकार के इस निर्णय की मुखालफत करेंगे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष मनु कोचर, कुमाऊं प्रभारी प्रवीन शर्मा, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, आनंद कांति, रमन चड्ढा, मनदीप डंग समेत अन्य मौजूद रहे।