ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
खेल मंत्री को भले ही दो एसोसिएशनों ने अपने कामकाज का ब्योरा सौंप दिया है, लेकिन उन्हें इस प्रक्रिया पर बहुत ज्यादा एतबार नहीं है। यही कारण है कि इन एसोसिएशनों के पदाधिकारी खुद भी बीसीसीआई की क्रिकेट प्रशासक कमेटी के सामने अपना पक्ष रखेंगे। समिति के सामने एकजुट हो चुकी तीनों एसोसिएशनें संयुक्त रूप से भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।
बीसीसीआई मान्यता के लिए खेल मंत्री के स्तर से हो रहे प्रयासों से पहले ही प्रदेश की तीन क्रिकेट एसोसिएशन एक मंच पर आने का एलान कर चुकी हैं। यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को अपना समर्थन देने का एलान किया था। इसके बाद इन दोनों एसोसिएशन को सीएयू में मर्ज किया गया। हालांकि, जब खेल मंत्री के स्तर से एका के प्रयास हुए तो तीनों एसोसिएशन को अलग-अलग ही बुलाया गया।
इसमें दो एसोसिएशन बैठक में शामिल हुईं और उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने मामला सुप्रीम कोर्ट में होने का हवाला देते हुए बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। शनिवार को दो एसोसिएशनों ने खेल मंत्री को अपने कामकाज का ब्योरा तो दे दिया, लेकिन वह खुद भी बीसीसीआई की क्रिकेट प्रशासक कमेटी के सामने जाने की तैयारी में हैं। सीएयू के सचिव पीसी वर्मा और यूनाइटेड क्रिकेट एसोएसिएशन के मीडिया प्रभारी रोहित चौहान ने इसकी पुष्टि की।
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खेल मंत्री की पहल पर दो क्रिकेट एसोसिएशन साथ आई हैं। इससे पहले हम तीन एसोसिएशनों को एक करने पर सहमति बना चुके हैं। अब अगर समिति हमसे पूछेगी तो हम तीनों एसोसिएशन एक साथ अपना पक्ष रखेंगे। सरकार जो कोशिश कर रही है, उसके साथ हमारी कोशिश भी जारी रहेगी। -पीसी वर्मा, सचिव, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
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हम पहले से सीएयू के साथ हैं। राज्य सरकार ने जो ब्योरा मांगा, हमने दे दिया। इसके बावजूद अगर कमेटी हमें बुलाएगी तो हम जाकर अपना पक्ष रखेंगे। हम नहीं कहते हैं कि हमारी एसोसिएशन को ही मान्यता मिले। हम चाहते हैं कि राज्य के खिलाड़ियों के हित में किसी एक को मान्यता मिल जाए। -रोहित चौहान, मीडिया प्रभारी, यूनाइटेड क्रिकेट एसोसिएशन