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शासन ने बैठाई बालिका निकेतन की जांच

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
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शासन ने बालिका निकेतन की जांच बैठा दी है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की टीम बालिका निकेतन से बालिकाओं के भागने की वजह के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं की भी जांच करेगी। अपर सचिव समाज कल्याण रामविलास यादव ने जांच के आदेश जारी किए हैं। डीएम की निगरानी में जांच को लेकर जल्द टीम बनाई जाएगी, जो बालिका निकेतन की रिपोर्ट सौंपेगी।
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अपर सचिव समाज कल्याण रामविलास यादव ने जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन और एसएसपी निवेदिता कुकरेती को बालिका निकेतन मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने यह निर्देश समाज कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिए हैं। 16 दिसंबर की रात बालिका एवं शिशु निकेतन से पांच बालिकाएं भाग गई थीं। जिन्हें टीएचडीसी कालोनी के पास से बरामद कर लिया गया था। जिसके बाद 17 दिसंबर को समाज कल्याण विभाग के निदेशक योगेंद्र यादव ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्हें यहां खामियां मिली। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। उन्होंने 17 दिसंबर को ही तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट 20 दिसंबर को देने के निर्देश दिए। जिस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर, मुख्य परिविक्षा अधिकारी वंदना सिंह और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने मामले की जांच की। इसके बाद 20 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट समाज कल्याण विभाग के निदेशक को सौंपी थी। जिसमें बालिका निकेतन की तमाम लापरवाही सामने आई थी। निदेशक योगेंद्र यादव ने 21 दिसंबर को अपर सचिव को जांच रिपोर्ट सौंपकर मामले की जांच जिलाधिकारी और एसएसपी से कराने की मांग की थी। उधर, जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि मामले को लेकर जल्द टीम गठित कर जांच के लिए भेजी जाएगी। इस दौरान पहली जांच कमेटी की रिपोर्ट को भी ध्यान में रखा जाएगा।
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पहली जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह आया था सामने
- स्टाफ का बालिकाओं के साथ बुरा व्यवहार करना
- स्टाफ द्वारा उन्हें डराना-धमकाना
- देखभाल में लापरवाही बरतना
- लोगों द्वारा दिए गए गिफ्ट व अन्य सामान स्टाफ द्वारा ले लेना
- परिसर में साफ-सफाई नहीं होना
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