यहां एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश हवा हवाई
-- तीर्थनगरी में गंगा किनारे जगह-जगह किया जा रहा है कूड़ा डंप
-- देहरादून, टिहरी व पौड़ी जिला प्रशासन बना है लापरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। गंगा के तटीय शहरों में स्वच्छता और मोक्षदायिनी को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए अदालतें आदेश जारी कर रही हैं, मगर राज्य में जिला प्रशासन आदेशों को पालन कराता कहीं नहीं दिख रहा है। इसके लिए नगर निकाय प्रशासन भी काफी हद तक जिम्मेदार हैं। तीर्थनगरी में नदी तटों पर डंप कूड़ा करकट के ढेर इसकी तस्दीक करते हैं।
एनजीटी ने हाल ही में तीर्थनगरी में पॉलीथिन और प्लास्टिक निर्मित उत्पादों की बिक्री पर आदेश जारी कर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बीते बुधवार को नदियों के एक किलोमीटर के दायरे में कूड़ा डालने पर रोक लगा दी, लेकिन दोनों ही आदेशों की ऋषिकेश में धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
आदेेश जारी होने पर उसका अनुपालन कराने की बजाए प्रशासन आदेश की कॉपी नहीं पहुंचने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता दिख रहा है। जबकि ऋषिकेश में गंगा से महज 60 मीटर की दूरी पर शहर भर का कूड़ा डंप किया जा रहा है। शहर ही नहीं, बल्कि गंगाघाटों तक खुलेआम पॉलीथिन का इस्तेमाल और प्लास्टिक निर्मित उत्पादों में सामग्री की बिक्री जा रही है।
मुनिकीरेती में भी आदेश हुए हवा
ऋषिकेश। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मुनिकीरेती नगर पालिका द्वारा खारास्रोत नदी के किनारे नगर का कूड़ा डंप किया जा रहा है। खास बात यह है कि एनजीटी इस स्थान पर कूड़ा डंपिंग करने पर पहले ही रोक लगा चुकी है, लेकिन नगर निकाय प्रशासन आदेशों का मखौल उड़ाने में लगा है।
तपोवन में 50 मीटर की दूरी डंप हो रहा कूड़ा
ऋषिकेश। मुनिकीरेती नगर पालिका की सीमा से लगी ग्राम पंचायत तपोवन में भी हाईकोर्ट के आदेश बेअसर साबित होते नजर आ रहे हैं। यहां गंगा से बामुश्किल 50 मीटर की दूरी पर गांव का कूड़ा-कचरा डाला जा रहा है। लेकिन टिहरी जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं दिख रहा ।
लक्ष्मणझूला में गंगा में ही उड़ेला जा रहा कूड़ा
ऋषिकेश। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के अंतर्गत लक्ष्मणझूला स्थित डीएम कैंप कार्यालय के समीप सीधे गंगा में ही नगर का कूड़ा उड़ेला जा रहा है। यहां अभी तक निकाय के पास ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि तक नहीं है। ऐसे में नगर के कूड़े के निस्तारण में नगर पंचायत बेबस नजर आ रही है। पौड़ी प्रशासन भी इस पर चुप्पी साधे हुए है।
क्या कहते हैं अधिकारी
एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी अभी तक नहीं पहुंची है। आदेश मिलने के बाद इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा।
- हर गिरि, एसडीएम, ऋषिकेश
मुनिकीरेती में नगर पालिका को ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए वनभूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया गतिमान है। तपोवन में गंगा किनारे कूड़ा डंपिंग का मामला संज्ञान में नहीं है। आदेश मिलने के बाद इसका धरातल पर अनुपालन कराया जाएगा।
- लक्ष्मीराज चौहान, एसडीएम, नरेंद्रनगर