कर्णप्रयाग। प्रस्तावित कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाइन से प्रभावित होने वाले काश्तकारों, वन पंचायतों को रेल लाइन से प्रभावित होने वाले सभी फलदार, छायादार और चार प्रजाति के पेड़ पौधों का मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए प्रभावित क्षेत्रों में कर्मियों की टीमें सर्वेक्षण करने में जुटी हैं।
चमोली जिले में करीब 19 रेल लाइन बिछेगी जिससे गौचर नगर पंचायत का भटनगर सहित जिलासू तहसील के रानों, लंगाली और सिवाई गांव प्रभावित हो रहे हैं। भूमि चिह्नीकरण के बाद भूमि का मुआवजा और अन्य प्रकियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब फलदार और चार प्रजाति के पौधों की गणना की जा रही है।
उपजिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने बताया कि उद्यान, वन विभाग और राजस्व कर्मियों की संयुक्त टीम पेड़ों की गणना कर रही है। उद्यान विभाग के जिला उद्यान अधिकारी एसएल शाह ने बताया कि माल्टा, आम, अमरूद, अखरोट सहित अन्य फलदार पौधों पर न्यूनतम 300 रुपये से मुआवजा शुरू होता है। इसके बाद फलदार पौधों की उनकी उम्र के आधार पर आंगणन कर कीमत निकाली जाएगी। वन विभाग के रेंजर आरके निराला ने बताया कि न्यूनतम तीन सौ रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है।