उत्तराखंड डेस्टिनेशन इंवेस्टर्स समिट में आने वाले देश दुनिया के निवेशकों की सहूलियत के लिए सरकार अलग-अलग सेक्टर में 50 निवेश योग्य प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इन प्रोजेक्ट के माध्यम से निवेशकों को निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, कच्चे माल की उपलब्धता व अन्य सुविधाओं के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही इंवेस्टर्स समिट में निवेशकों के साथ एमओयू करने को कोर सेक्टर के विभागों द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने को सरकार की ओर से पहली बार किए जा रहे इंवेस्टर्स समिट के लिए अब मात्र 20 दिन का समय शेष बचा है। निवेशकों की सुविधा के लिए पर्यटन, आयुष, वेलनेस, फूड प्रोसेसिंग, सोलर ऊर्जा, आईटी, फिल्ड शूटिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में 50 निवेश योग्य प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। इसमें अब तक करीब 40 प्रोजेक्ट तैयार हो चुके हैं। इन प्रोजेक्ट के माध्यम से निवेशकों को सेक्टर वार निवेश करने का पूरा खाका मिलेगा।
यदि निवेशक फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं तो प्रोजेक्ट में निवेश के लिए जमीन की उपलब्धता के साथ ही कृषि, बागवानी उत्पादों की उत्पादन व उपलब्धता, ट्रांसर्पोटेशन व अन्य सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। प्रमुख सचिव एमएसएमई मनीष पंवार ने बताया कि इंवेस्टर्स समिट के लिए निवेश योग्य प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं। वहीं संबंधित विभागों की ओर से निवेशकों के साथ एमओयू करने की प्रक्रिया चल रही है।
इंवेस्टर्स समिट के लिए सरकार ने पर्यटन, आयुष वेलनेस, एजूकेशनल, फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल, आईटी, कृषि, औद्योनिकी पर आधारित फूड प्रोसेसिंग, फिल्म इंडस्ट्री, सोलर ऊर्जा और स्वास्थ्य को कोर सेक्टर में चिन्हित किया है। इन सेक्टर में निवेश के लिए संबंधित विभागों द्वारा निवेशकों के साथ एमओयू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इंवेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश में एक साल के भीतर 20 हजार करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारा जा सकेगा।