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Iनानकमत्ता से बरामद हुए कैमिकल का प्रयोग उत्तराखंड में भी 44 इकाइयां कर रही हैं। इनका भी सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा उत्तराखंड में शेड्यूल एच ड्रग्स बनाने वाली फार्मा इकाइयों के सत्यापन के लिए भी डीजीपी ने सभी जिला पुलिस को निर्देशित किया है। ऐसी उत्तराखंड में कुल 172 इकाइयां हैं।I
Iडीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि ड्रग्स फ्री अभियान के तहत यह बड़ी कार्रवाई है। इसे सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पुलिस ड्रग्स की आपूर्ति, वितरण और आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। इस धंधे में लिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की जाएगी। इनकी आर्थिक जांच करते हुए आरोपियों की संपत्ति को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।I
Iप्रदेश में कुल 172 इकाइयां ऐसी हैं जहां पर शेड्यूल एच की दवाइयां बनती हैं। इन दवाओं का डॉक्टर की पर्ची के बगैर बेचना प्रतिबंधित है। ऐसे में इनकी निगरानी की जाएगी कि इन इकाइयों से ये दवाएं किन-किन जगहों पर सप्लाई की जा रही हैं। डीजीपी ने बताया कि थानों को ड्रग्स डिटेक्शन किट उपलब्ध करा दी गई हैं। सभी थाना पुलिस को अपने स्तर से भी क्षेत्रों में इन किट के माध्यम से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।I
Iकार्रवाई वाली टीम को एक लाख रुपये इनामI
Iडीजीपी दीपम सेठ ने नानकमत्ता में कार्रवाई करने वाली पुलिस और एसटीएफ की टीम को एक लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इससे पहले चंपावत पुलिस को भी डीजीपी ने 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी। डीजीपी ने इस मामले में कार्रवाई करने वाली पुलिस टीमों के साथ लगातार समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इस धंधे में कुछ और लोग भी लिप्त हो सकते हैं।I