लोकसभा चुनाव के दौरान जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार भाकुनी से बरामद हुए 20 लाख से अधिककैश के मामले की एक बार फिर विजिलेंस से जांच कराने की संस्तुति शासन को भेजी गई है। अभी तक प्रभारी एसपी क्राइम लोकजीत सिंह इसकी जांच कर रहे थे। आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला होने के कारण पहले भी विजिलेंस से जांच कराने की सिफारिश पर कोई फैसला नहीं हो सका है।
लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के दौरान डोईवाला कोतवाली पुलिस ने जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार भाकुनी को 13 लाख कैश के साथ पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने भाकुनी के नेहरू कालोनी स्थित आवास पर छापा मारकर सात लाख से अधिक का कैश पकड़ा था।
उस समय तत्कालीन एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने इस मामले की जांच विजिलेंस से कराने की संस्तुति की थी। विजिलेंस जांच पर कोई फैसला न होने के कारण तत्कालीन पटेलनगर सीओ लोकजीत सिंह को इस मामले की विवेचना सौंपी गई थी। तब से ही सीओ सिंह इसकी जांच कर रहे थे। अधिशासी अभियंता भाकुनी की तरफ से बरामद कैश को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया है।
पुलिस मुख्यालय के सूत्राें के मुताबिक एसएसपी अरुण मोहन जोशी की तरफ से भाकुनी प्रकरण की जांच विजिलेंस से कराने की संस्तुति की गई है। तर्क दिया गया है कि आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला होने के कारण विजिलेंस तह तक जाकर इस मामले में कार्रवाई कर सकती है। अब यह देखना दिलचस्प है कि विजिलेंस जांच पर कोई फैसला हो पाता है या पहले की तरह सिफारिश सरकारी फाइलों में दम तोड़ती है।
परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक सीपी कपूर ने ड्यूटी के दौरान भ्रष्टाचार किए जाने के आरोपों में पांच यातायात निरीक्षकों को चेकिंग ड्यूटी से हटाने का आदेश जारी किया है। मंडलीय प्रबंधक ने यातायात निरीक्षकों के खिलाफ यह कार्रवाई उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की शिकायत पर की है।
मंडलीय प्रबंधक कपूर के मुताबिक जिन यातायात निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उसमें ऋषिकेश डिपो में तैनात यातायात निरीक्षक मुन्ना सिंह व महेंद्र सिंह, रुड़की डिपो में तैनात देवेंद्र कुमार व ओमपाल सिंह और मंडलीय प्रबंधक स्क्वाड में शामिल यातायात निरीक्षक आनंदपाल शामिल हैं। फिलहाल सभी पांचों यातायात निरीक्षकों को चेकिंग ड्यूटी से हटा दिया गया है।
इन सभी यातायात निरीक्षकों को आरोपपत्र जारी किया गया है। जिसकी अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। मंडलीय प्रबंधक कपूर का कहना है कि जांच पूरी होने पर यदि सभी यातायात निरीक्षक निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें फिर ड्यूटी पर लगाया जा सकता है।