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दिव्यांग बच्चों के लिए कितने शिक्षकों की हुई नियुक्ति?

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दिव्यांग बच्चों के लिए कितने शिक्षकों की हुई नियुक्ति?
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राज्य के दिव्यांग बच्चों की सुविधाओं को लेकर बाल संरक्षण आयोग ने शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य, समाज कल्याण समेत 10 विभागों के सचिवों, निदेशकों से रिपोर्ट तलब की है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांग की है कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए राज्य के स्कूलों में कितने विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई? इसके साथ ही आयोग अध्यक्ष ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है कि उन्होंने राज्य के कितने दिव्यांग बच्चों को पेंशन की सुविधा दी है।
आयोग अध्यक्ष ने परिवहन निगम से यह आंकड़ा मांगा है कि राज्य के कितने बच्चों को विशेष पास की सुविधा मुहैया कराई गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से यह आंकड़ा मांगा गया है कि राज्य गठन के बाद कितने बच्चों को विभाग की ओर से प्रमाणपत्र मुहैया कराए गए। बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि सीबीएसई की गाइडलाइन के मुताबिक सभी केंद्रीय विद्यालयों में दो विश्ेाष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए ताकि दिव्यांग बच्चाें की पढ़ाई में दिक्कत न हो। ऐसे में सीबीएसई के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है कि केंद्रीय विद्यालयों में कितने विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। कमोवेश, इसी तरह की रिपोर्ट आईसीएसई बोर्ड के अधिकारियों से मांगी गई हैं। आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी का यह भी कहना है कि दिव्यांग बच्चों के लिए अदालत के आदेश पर चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। ऐसे में सभी विभागोें से यह जानकारी मांगी गई है कि उन्होंने इस आदेश का कितना पालन किया है।
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आयोग अध्यक्ष ने बताया कि जुलाई 2018 में एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिव्यांगों के लिए हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराने का आदेश दिया था। ऐसे में पता लगाया जा रहा है कि किन-किन विभागों ने अदालत के आदेशों पर कितना अमल किया है। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि तमाम संबंधित विभागों के अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट के साथ तलब किया गया है। जिन-जिन विभागों ने नियमों के तहत कार्रवाई नहीं की गई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
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