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अपराजिता अभियान में महिलाओं में दिखी स्वरोजगार की ललक और नशे के खिलाफ रोष

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उत्तरकाशी। अमर उजाला के अपराजिता महाभियान के तहत हिमालय पर्यावरण जड़ी बूटी एग्रो संस्थान जाड़ी के सहयोग से गंगोरी में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं ने नशा मुक्ति, स्वरोजगार सहित महिला सशक्तिकरण के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। गोष्ठी में महिलाओं ने शादी समारोहों में शराब परोसने के प्रचलन के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने व वन विभाग के गंगोरी स्थित वन मनोरंजन पार्क में स्वरोजगार संबंधी गतिविधियां संचालित करने का निर्णय भी लिया।
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शनिवार को अपराजिता अभियान के तहत गंगोरी स्थित त्रिवेणी घाट पर पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य पवना सेमवाल की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। भाजपा के जिला महामंत्री हरीश डंगवाल ने कहा कि एक महिला के आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने से पूरा परिवार मजबूत होता है। जाड़ी संस्था के सचिव द्वारिका सेमवाल ने बीज बम अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीज बम अभियान के तहत जंगलों में फलदार वृक्ष उगाकर मानव एवं वन्यजीव संघर्ष को रोका जा सकता है।
महिलाओं ने नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए नशा मुक्ति आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया। महिलाओं ने कहा कि शादी समारोह में शराब परोसने की परंपरा से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, जिसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी परिवार अपील को ठुकराकर शराब परोसेगा उसके समारोह का समिति द्वारा पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। महिलाओं ने नमामि गंगे के तहत गंगोरी में बने वन विभाग के मनोरंजन पार्क में विभिन्न स्वरोजगारपरक गतिविधियां संचालित करने की इच्छा जताई। गोष्ठी में चंद्रवीर सिंह, सुशीला देवी, सरोज देवी, विजेयता देवी, अंजना देवी, प्रकाशी बिष्ट, किरन भंडारी, देवेश्वरी कंसवाल, सुमित्रा चौहान, विजयलक्ष्मी, निर्मला नौटियाल, सुशीला नौटियाल, रुकमणि रावत, पूनम चौहान, यशोदा देवी आदि मौजूद रहे।
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सहयोग व सुविधाओं के अभाव में हुनरमंद ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में अगर गंगोरी स्थित वन विभाग के मनोरंजन पार्क में हुनरमंद महिलाओं की समिति को योग, हस्तशिल्प, कैंटीन आदि स्वरोजगार करने की अनुमति दी जाए।
सावित्री नौटियाल, योगाचार्य

महिला सशक्तिकरण अभियान को सफल बनाने के लिए महिलाओं को पहले आर्थिक रूप से मजबूत करने की जरूरत है। शासन-प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों की हुनरमंद महिलाओं का चयन कर प्रत्येक गांव में प्रशिक्षण एवं विपणन केंद्र स्थापित करने चाहिए।
सुनैना राणा, हस्थशिल्प कलाकार

जंगली जानवरों के आतंक व बदलते मौसम चक्र के कारण खेतीबाड़ी प्रभावित हो रही है। ऐसे में बीज बम, वर्षा जल संरक्षण, एकीकृत खेती जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
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कुसुमलता नौटियाल, पूर्ण सभासद
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