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पशुपालन भी स्वरोजगार का बेहतर जरिया

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पशुपालन भी स्वरोजगार का बेहतर जरिया
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। प्रोग्रेसिव डेयरी फारमर्स एसोसिएशन (पीडीएफए) की ओर से राज्य सरकार और हंस फाउंडेशन की ओर से परेड मैदान में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पशु एवं कृषि मेले का शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने आला अफसरोें और आयोजकों के साथ मेले का भ्रमण कर हरियाणा के जींद से आए रुस्तम व सुल्तान भैंसा, लाडो भैंस, होलिस्टीयन फ्रीजन, बद्री, गिर प्रजाति की गायों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मेले में देशी-विदेश की कंपनियों की ओर से लगाए गए कृषि उपकरणों एवं पशुपालन से जुड़े स्टालों का भी भ्रमण कर जानकारी ली। उद्घाटन के बाद मीडियाकर्मियाें से रूबरू हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से राज्य के लोगों में खेतीबाड़ी और पशुपालन के प्रति रुझान बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा सकेंगे। पशुपालन गांवों के साथ साथ शहरों में भी स्वरोजगार का बेहतर जरिया साबित हो सकता है।
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मेले में ‘मेक इन इंडिया’ की झलक
तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मेले में मेक इन इंडिया की भी झलक दिखाई दे रही है। मेले में तमाम नामी कंपनियों की ओर से मावा बनाने, पनीर बनाने, गायाें व भैंस का दूध निकालने वाली मशीनों के साथ कई अत्याधुनिक मशीनों के स्टाल लगाए गए हैं। इतना ही नहीं मेले में दर्जनभर देशी-विदेशी कंपनियों के भी ऐसे स्टाल लगाए गए हैं, जिनमें पशुओं के आहार से लेकर उन्हें होने वाली बीमारियों से बचाव की दवाइयां मुहैया कराई जा रही है। मेले में ऐसी मिल्क मशीन का डिस्प्ले किया गया है जिससे आठ पशुओें का दूध एक साथ निकाला जा सकता है। इस मशीन से यह भी जानकारी मिलती कि किस पशु ने कितना दूध दिया है। साथ ही मशीन दूध को पाउच में भी पैक कर देती है। इन स्टालों पर लोगों को कंपनी प्रतिनिधि जानकारी दे रहे हैं।
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गिर, बद्री, थारपारकर गाय बनीं आकर्षण का केंद्र
मेले में होलिस्टीयन फ्रीजन से लेकर देवभूमि में पाई जाने वाली बद्री गाय तक का प्रदर्शन किया गया है। मेले में गुजरात में पाई जाने वाली गिर गाय, पाकिस्तान में पाई जाने वाली थारपारकर गाय आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मेले में आए पशुपालकों को इन गायों की तमाम विशेषताएं भी बताई जा रही हैं।
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