ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धाद के हरेला महोत्सव के दूसरे दिन स्कूली बच्चों ने रैली निकालकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने खुद पौधे लगाए और लोगों से भी पौधे लगाने का आह्वान किया। साथ ही पौधों की नियमित रूप से देखभाल करने की भी अपील की। मांगल गीतों के साथ निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, संस्कृतिकर्मी और पर्यावरण प्रेमियों समेत अन्य लोग भी शामिल हुए। महिलाओं ने आवा दीदी-भुलौं आवा, नांग धरती की ढकावा... के माध्यम से पौधे लगाने की अपील की। अमर उजाला इस महोत्सव का मीडिया पार्टनर है।
सोमवार सुबह राजपुर रोड स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय से धाद की हरेला रैली को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हरी झंडी दिखाई। उन्होंने विद्यालय प्रांगण में पौधा लगाते हुए समाज के सभी वर्गों से अभियान से जुड़ने की अपील की। रीता भंडारी और विमला नेगी समेत अन्य महिलाओं ने मांगल गीत गाते हुए रैली की अगुवाई की। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए छात्र-छात्राओं ने लोगों से मानव और प्रकृति के प्रेम के प्रतीक हरेला पर्व से जुड़ने की अपील की। धाद के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा की कुछ वर्ष पूर्व धाद ने हरेला, घी संग्रांद, फूलदेई समेत उत्तराखंड के अन्य लोक पर्वों को बचाए रखने की कोशिश के तहत इनके बड़े स्तर पर आयोजन की शुरुआत की। आज समाज का बड़ा हिस्सा इन कार्यक्रमों से जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी अब इन लोक पर्वों से जुड़े आयोजनों में बड़े स्तर पर जुड़ रही है, जो प्रदेश की लोक संस्कृति के लिए एक शुभ संदेश है।
सचिव तन्मय ममगाईं ने कहा कि नई पीढ़ी पेड़ और पर्यावरण से जुड़े और इसके महत्व को समझे, इसलिए स्कूली बच्चों को अभियान से जोड़ा गया है। पारंपरिक गीत-संगीत, वेशभूषा और पकवानों के साथ पौधे लगाने के इस विशिष्ट पर्व को पूरी दुनिया में प्रचारित-प्रसारित करने की आवश्यकता है। संचालक डीसी नौटियाल ने कलाकारों का स्वास्थ्य बीमा कर उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में बजट की 15 फीसदी राशि देने की मांग की। प्रधानाध्यापक हुकुम चंद उनियाल ने स्कूल में भवन न होने की समस्या उठाई। इस पर महाराज ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से जमीन और भवन की व्यवस्था के संबंध में वार्ता करेंगे। रैली में माध्यमिक विद्यालय राजपुर रोड, राबाइंका राजपुर रोड और राइंका डोभालवाला के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर राबाइंका राजपुर रोड की प्रधानाचार्या प्रेमलता बौड़ाई, रविंद्र नेगी, साकेत रावत, बीरेश, विकास बहुगुणा, प्रमोद पांडेय, धरम सिंह राणा समेत अन्य मौजूद रहे।
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लोक कलाओं ने बांधा समां
स्कूली बच्चों की रैली की अगुवाई मांगल गीत गाती महिलाओं, वाद्य यंत्रों और नृत्य के साथ की गई। ढोल-दमाऊ और मशकबीन की धुनों पर झूमते लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्द्धन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भी लोक वाद्य यंत्रों की धुनों पर जमकर नृत्य किया।
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महाराज भी हुए रैली में शामिल
रैली शुरू होने के बाद कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज कार्यक्रम स्थल से जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन स्कूली बच्चों के उत्साह को देखकर वह रुक गए और खुद भी रैली में शामिल हो गए। एश्ले हॉल तक वह रैली में शामिल रहे और स्कूली बच्चों का उत्साह बढ़ाया।