ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
सीएम आवास पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई महिलाओं ने बच्चियों से दुष्कर्म पर मृत्युदंड के फैसले पर मुख्यमंत्री का थैंक्स किया। सीएम ने कहा कि अबोध बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध के लिए मृत्युदंड से कम सजा हो ही नहीं सकती है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि सिर्फ सरकारी नौकरी का इंतजार करना ठीक नहीं, बल्कि स्वरोजगार की सोच बढ़ाने की जरूरत है।
सीएम ने कहा कि देव भूमि उत्तराखंड में नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म जैसे अपराधों के लिए सरकार ने मृत्युदंड का कानून का फैसला लिया है। अपराधी के मन में मौत का भय आना ही इस कानून का मकसद है। आपराधिक हालत का मुकाबला करने के लिए बच्चियों को मजबूत होना होगा। इसके लिए मां को सबसे पहले मजबूत होने आवश्यक है। जब मां मजबूत होगी तो पूरा परिवार मजबूत होगा। सीएम ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार काम रही है। महिला स्वयं सहायता समूह की सहायता से देवभोग प्रसाद तैयार कर मंदिरों में वितरित किया जा रहा है। केदारनाथ में सवा करोड़ का देवभोग प्रसाद बेचा गया। इसके साथ ही110 महिलाओं को एलईडी लाइट बनाने का प्रशिक्षण दिया है। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा कुसुम कंडवाल, अनुराधा वालिया, उषा रावत, सरोज डिमरी, सुंदरी कंडवाल, स्नेहलता शर्मा, मंजू नेगी, उषा जोशी, कमला नेगी, अनीता तिवारी, कविता शाह, आशा रौथाण, प्रमिला त्रिवेदी, ममता नेगी, दुर्गा देवी, सीमा शर्मा, गीता मनचंदा, रीना शर्मा, आशा चौहान, गुड्डी कलूड़ा, सरला अग्रवाल, पुष्पा ध्यानी, प्रेमा राणा, राजकुमारी पंत, सीमा खुराना, नेहा नेगी मधु व्यास, भारती, पूनम आदि मौजूद थे।