दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति पर रोक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दून अस्पताल में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केके टम्टा की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसके तहत दून मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अदालत के इस फैसले के बाद अस्पताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल व कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह शासन ने दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केके टम्टा को उनके पद से कार्यमुक्त करते हुए दून मेडिकल कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केसी पंत को नया मेडिकल सुपरिंटेंडेंट बना दिया था। पूर्व मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. टम्टा ने शासन के आदेश के बाद डॉ. केसी पंत को पदभार भी सौंप दिया था। कार्यभार सौंपने से पूर्व डॉ. केके टम्टा अवकाश लेकर नैनीताल पहुुंच गए थे और अपने अधिवक्ता के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत को बताया कि 29 मई को जो आदेश जारी किया गया है वह नियम विरुद्ध है।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह व न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन की ओर से 29 मई को जारी आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही खंडपीठ ने सरकार से छह सप्ताह में जवाब मांगा है। अदालत के इस फैसले के संबंध में जब दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केसी पंत से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अदालत ने कुछ आदेश जारी किया है, इसकी जानकारी चर्चाओं के जरिये मिली है। अदालत ने क्या आदेश जारी किया है? इस संबंध में कोई अधिकृत सूचना नहीं है। अदालत ने जो भी आदेश जारी किया है उसका अनुपालन किया जाएगा। दूसरी ओर पूर्व मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. केके टमटा का कहना है कि शासन के आदेश पर ही उन्होंने अपना कार्यभार डॉ. पंत को सौंप दिया था। अब अदालत के फैसले के बाद शासन जो आदेश जारी करेगा उसका पालन किया जाएगा।