ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
एनसीईआरटी किताबों की वास्तविक स्थिति और जरूरत पर चर्चा के लिए पाठ्य पुस्तक प्रकोष्ठ की बैठक 23 जून को होगी। इसके बाद वास्तविक जरूरत और कमी के मुताबिक ही किताबें मगांई जाएंगी। जिलों में कराए गए शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार 30 लाख से ज्यादा किताबों की कमी है। दूसरी ओर प्रकाशकों ने बाजार में किताबों की किल्लत से इनकार किया है। दो अलग-अलग तरह की बातें सामने आने के बाद विभाग एक बार फिर समीक्षा करने जा रहा है। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने बताया कि सभी बिंदुओं को लेकर पड़ोसी राज्य के प्रकाशकों से बातचीत की जा रही है।