ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देश के दक्षिणी राज्य केरल में फैले निपाह वायरस ने वैसे तो देवभूमि में दस्तक नहीं दी है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। सीएमओ की ओर से सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को एडवाइजरी जारी कर दी गई है। इसके अलावा निपाह वायरस से पीड़ित मरीज की जानकारी मिलने पर तत्काल जानकारी साझा करने के निर्देश दिए हैं।
एसीएमओ डॉ. दयाल शरण ने बताया कि अभी तक निपाह वायरस को लेकर जिले या राज्य से कोई सूचना नहीं है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलाव निजी अस्पताल संचालकों को हिदायत दी गई है कि वह डेंगू के साथ ‘निपाह’ के प्रति सतर्क रहें। यदि बीमारी से प्रभावित कोई भी मरीज संज्ञान में आता है तो इसकी तत्काल जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए। निपाह वायरस से निपटने को लेकर जिले में पर्याप्त इंतजाम हैं। सभी सीएससी-पीएचसी के अलावा सभी बड़े अस्पतालों में आइसोलेशन वार्डों की व्यवस्था की गई है।
ऐसे फैलती है निपाह वायरस
एसीएमओ डॉ. दयाल सरन ने बताया कि सबसे ‘निपाह’ चमगादड़ के जरिए पालतू सुअरों पर पहुंचता है। इसके बाद सुअरों के संपर्क में आने वाले लोगों को प्रभावित करता है। दिलचस्प यह है कि चमगादड़ पर इस वायरस का कुछ भी प्रभाव नहीं होता। इस खतरनाक वायरस के संपर्क में आने वाले व्यक्ति मृत्यु की संभावना 75 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
‘निपाह’ से संक्रमित मरीज के लक्षण
-सिर में तेज दर्द होता है।
-गंभीर बदन दर्द होने के अलावा आंखें लाल हो जाती हैं।
-मरीज को गंभीर जुकाम हो जाता है।
-मरीज में दिमागी बुखार के लक्षण पाए जाते हैं।
ऐसे करें बचाव
-हर बार खाना खाते समय हाथ साबुन से धोएं ।
-कोई भी फल खाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह पक्षियों द्वारा कुतरा नहीं हो।
-फल खाते समय अच्छी तरह से धो लें ।
-जूस पीते समय यह सुनिश्चित करें कि दुकानदार कटे-सड़े फलों का तो नहीं इस्तेमाल कर रहा है।