ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
राजधानी के डीडी कॉलेज में चल रहे ऑनलाइन कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) में कई अभ्यर्थियों ने सर्वर डाउन के चलते परीक्षा छूटने पर हंगामा किया। काफी देर तक हंगामे के बाद उन्होंने कैंट थाने में तहरीर भी दी। अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा केंद्र पर संचालकों को नियमों की जानकारी न होने की वजह से उनका एग्जाम अधूरा रह गया। हालांकि परीक्षा कराने वाली कंपनी के समन्वयक ने इससे इनकार किया है।
रविवार को राजधानी में आईएमएस यूनिसन विवि, डीआईटी विवि, जेबीआईटी और डीडी कॉलेज में क्लैट में करीब 1500 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। गढ़ी कैंट स्थित डीडी कॉलेज में ठीक तीन बजे परीक्षा तो शुरू हुई, लेकिन इसके बाद जैसे ही छात्रों ने लॉग इन किया, वैसे ही टाइमिंग शुरू हो गई लेकिन स्क्रीन से सवाल गायब थे। अभ्यर्थियों का यह भी आरोप है कि पेपर के प्रश्नों की जगह भाषागत त्रुटि आ गई, जिस वजह से वह सवाल नहीं पढ़ पाए। परीक्षा की आयोजक सिफि कंपनी के प्रतिनिधि सचिन ने अपने अधिकारियों से इस बाबत बात की तो उन्होंने निर्देश दिए कि लॉगआउट करके दोबारा लॉग इन कराया जाए। इसी हिसाब से अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय मिल जाएगा। निर्देशों के तहत दोबारा लॉग इन कराया गया, लेकिन इस प्रक्रिया में कई अभ्यर्थियों का 10 से 25 मिनट तक का समय लग गया। सचिन के मुताबिक ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया गया। लेकिन अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें कोई अलग से टाइम नहीं मिला। न ही परीक्षा केंद्र पर मौजूद लोगों को ऑनलाइन परीक्षा की जानकारी थी। परीक्षा खत्म हुई तो इसके बाद अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन और परीक्षा आयोजकों पर मनमानी करने, गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए भविष्य बर्बाद करने का आरोप भी लगाया। अभ्यर्थी सौम्या का आरोप है कि कक्ष निरीक्षकों को ही ऑनलाइन परीक्षा की पूरी जानकारी नहीं थी। हमने पूछा कि एग्जिट कर दें तो हमें रोक दिया गया। बाद में न जाने कैसे एग्जिट किया होगा।
हालांकि डीडी कॉलेज के चेयरमैन जितेंद्र यादव का कहना था कि उनका काम केवल संसाधन उपलब्ध कराना था, जिसमें उनकी कोई गलती नहीं है। जिस कंपनी ने परीक्षा कराई है, सर्वर डाउन होने और अभ्यर्थियों को परेशानी होने की जिम्मेदारी उनकी ही बनती है। दूसरी ओर, परीक्षा के समन्वयक डॉ. विनय ने पूरे मामले की रिपोर्ट परीक्षा की जिम्मेदार कोच्चि स्थित विधि संस्थान को भेज दी है। सिफि कंपनी के प्रतिनिधि सचिन का कहना था कि सर्वर की जो समस्या आई थी, उसकी रिपोर्ट आला अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा में उनके स्तर से कोई चूक नहीं हुई है।
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यह पूरी तरह से कॉलेज की गलती लग रही है क्योंकि कॉलेज के स्टाफ को जानकारी ही नहीं थी कि ऑनलाइन पेपर के आयोजन में किन बातों का ख्याल रखना है। -शिखर पंवार, अभ्यर्थी
हमने पेपर खोला तो स्क्रीन ब्लैंक आई। इसके बाद पेपर की भाषा ही समझ नहीं आई, क्योंकि इसमें हिंदी या अंग्रेजी के बजाए कुछ और लैंग्वेज थी। हमारा समय खराब कर दिया। -कनिष्क चंडोक, अभ्यर्थी
पेपर में लापरवाही की गई है। सर्वर डाउन था, पेपर दोबारा खोलने के चक्कर में जो समय बर्बाद किया गया, वह बाद में नहीं दिया गया। -सुधांशु, अभ्यर्थी
क्लैट में पहले से ही सिस्टम सुस्त रहा। सर्वर डाउन हुआ तो दोबारा लॉगिन करने में इतना समय बर्बाद कर दिया। समय प्रबंधन की इस परीक्षा में हमारा नुकसान हुआ है। -गौरव मिश्रा, अभ्यर्थी