अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग)। यहां शुक्रवार को पुलिस की शुरुआती सुस्ती ने नगर का माहौल खराब कर दिया। आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में लोगों के सुबह सड़क पर उतरने के साथ ही यदि पुलिस भी हरकत में आ जाती, तो अगस्त्यमुनि से विजयनगर तक तोड़फोड़ व आगजनी की घटना नहीं होती। खुफिया विभाग भी स्थिति को भांपने में फेल रहा।
जिला मुख्यालय से 17 किमी की दूरी पर स्थित अगस्त्यमुनि जिले में खेल व अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ बाहरी लोगों द्वारा यहां शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जाती रही है। इस संबंध में कई बार पुलिस को अवगत भी कराया जा चुका है। लोगों ने कहा कि बीते दो माह में अगस्त्यमुनि में बाहरी और अराजक तत्वों द्वारा छेड़खानी और अनैतिक कार्य की घटनाओं को अंजाम दिया गया, लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई के बजाय मामले को दबा दिया। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा था। बीते बृहस्पतिवार देर शाम को आपत्तिजनक पोस्ट के वायरल होने के बाद भी पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेने के बाद पूरी रात चैन से सो गई। यही नहीं शुक्रवार सुबह से शुरू प्रदर्शन व बाजार बंद के बाद भी 10 बजे तक पुलिस की कार्रवाई महज खानापूर्ति नजर आई। पुलिस का खुफिया तंत्र भी स्थिति को भांपने में पूरी तरह विफल रहा है। पूरे मामले में शुरूआती तीन घंटे तक पुलिस एकदम असहाय नजर आई। जिला व तहसील प्रशासन को भी पूरी घटना की जानकारी 10 बजे के बाद ही मिली।