ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश के नौ जिलों में बैंकों का ऋण-जमा अनुपात गिर गया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति में यह आंकड़ा सामने आने के बाद वित्त मंत्री प्रकाश पंत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने सभी बैंकों को दस मार्च तक लंबित सभी ऋण आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए ऋण वितरित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने केंद्र की सभी फ्लैगशिप योजनाओं में बैंकों को पूर्ण सहयोग करने का आह्वान किया है।
मंगलवार को एसएलबीसी की 64वीं बैठक बैंकों की लचर कार्यप्रणाली और उसके दुष्परिणामों पर केंद्रित रही। प्रदेश में नौ जिलों में ऋण-जमा अनुपात 40 प्रतिशत से कम है। देहरादून में 35 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 32 प्रतिशत, बागेश्वर में 29 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग और चमोली में 26-26 प्रतिशत, टिहरी में 25 प्रतिशत, चंपावत में 24 प्रतिशत, पौड़ी में 23 प्रतिशत और अल्मोड़ा में 22 प्रतिशत रहा है। इन सभी जिलों में अचानक ऋण-जमा अनुपात घटने पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने नाराजगी जताई। मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वह हर हाल में दस मार्च तक लोन के सभी आवेदनों का निस्तारण कर ज्यादा से ज्यादा ऋण वितरित करें, ताकि अनुपात में सुधार हो। वहीं, वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य के लिए बैंकों द्वारा डेयरी, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन आदि के लिए कृषि और एमएसएमई सेक्टर में अधिक ऋण वितरण कर लोगों को रोजगार मुहैया कराएंगे। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव ग्राम विकास एवं एमएसएमई मनीषा पंवार, आरबीआई के निदेशक सुब्रत दास, नाबार्ड महाप्रबंधक डीएन मगर, एसबीआई के महाप्रबंधक अजीत ठाकुर मौजूद रहे।
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मुद्रा लोन 50 प्रतिशत दूर
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना में भी बैंक काफी पिछड़े हुए हैं। तय लक्ष्य के मुकाबले अभी तक बैंक करीब 50 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल कर पाए हैं जबकि वित्त वर्ष समाप्ति की ओर है। बैंकों का मुद्रा लोन का इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 1896.22 करोड़ रुपये, जिसमें से अभी तक 968.48 करोड़ रुपये ही आवंटित हो पाए हैं। सभी बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वह निर्धारित अवधि तक ज्यादा से ज्यादा ऋण वितरित करें।
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सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएंगे
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार 670 न्याय पंचायतों को जल्द ही बैंकर्स के साथ जोड़कर ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करेगी। मंगलवार को बैठक में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने बैंकर्स के बीते तीन महीनों की समीक्षा की। प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य की 670 न्याय पंचायतों को बैंकों से जोेड़कर गांवोें को ग्रोथ सेंटर के रूप में डेवलप करना होेगा, जिसमें बैंकर्स के प्रतिनिधियों के संपूर्ण योगदान से योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का काम होगा। उन्होंने कहा कि हम राज्य में केंद्रीकृत बैंकिंग की व्यवस्था लाकर र्दुगम क्षेत्रों में बसे लोगों को डिजिटल बैंकिंग से देश का विकास करेेेंगे।
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एसएलबीसी और बैंकर्स का डाटा बेमेल
बैठक में समीक्षा के दौरान कई बैंकों की जानकारी राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति से अलग पाई गई, जिसे लेकर बैंकर्स ने वित्त मंत्री प्रकाश पंत को डाटा के कुछ बिंदुओं में गलतियां बताते हुए उनके तुरंत सुधार के निर्देश दिए।