ग्रामीणों ने मोतीचूर रेंज कार्यालय का किया घेराव
-- गुलदार व हाथियों के आतंक से त्रस्त हैं दोनों इलाकों के लोग
-- दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आते देख बुलानी पड़ी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
रायवाला। गुलदार और हाथियों के आतंक से त्रस्त गौहरीमाफी, हरिपुरकलां क्षेत्र के ग्रामीणों ने मोतीचूर रेंज कार्यालय का घेराव किया और विभाग से सुरक्षा उपायों की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों और पार्क प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। घंटों तक नोकझोंक के बाद ग्रामीणों और पार्क अफसरों के बीच समझौता हो गया, जिसके बाद ग्रामीण वापस लौट गए। रायवाला व हरिपुरकलां क्षेत्र में लगातार गुलदार और हाथियों की आमद से परेशान ग्रामीणों ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज कार्यालय का घेराव किया। देवभूमि जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय पोखरियाल के नेतृत्व में भारी संख्या में महिलाओं ने आदमखोर गुलदारों को पकड़ने, अब तक हुई वारदातों और फसली मुआवजे के भुगतान नहीं होने पर आक्रोश जताया।
इस दौरान हरिपुरकलां के ग्रामीणों ने बताया कि लगातार गांव में जंगली हाथी रिहायशी इलाकों में घुसकर आमजन की जान जोखिम में डाली जा रही है। गांव में हाथी अब तक करीब तीन दर्जन से अधिक घरों की चारदीवारी तोड़ चुके हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने हाथी की गांव में आमद रोकने को वन्यजीव प्रतिपालक प्रदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। दूसरी ओर गौहरीमाफी की महिलाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर पार्क प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों और पार्क अधिकारियों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई।
बातचीत के दौरान धक्कामुक्की की स्थिति पैदा होने पर मामला बिगड़ते देख राजाजी पार्क प्रशासन ने रायवाला थाने से पुलिस बल मौके पर बुला दिया, जिसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने रेंज कार्यालय में धरना देने की चेतावनी दे डाली। गुस्साए ग्रामीणों को शांत कराने के लिए पार्क अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता हुई। घंटों चली वार्ता के बाद दोनों पक्षों में सहमति बन गई। देरशाम ग्रामीण वापस लौटे। प्रदर्शनकारियों में मेहरबान सिंह रावत, सूरत सिंह नेगी, धनीराम जोशी, गोविंद सेमवाल, नत्थी सिंह, रोहित नौटियाल, नवीन चौहान, खुशीराम, संजय भंडारी, विनोद रावत, दिनेश रावत, सुषमा देवी, गुडडी देवी,भवानी देवी, प्रमिला देवी, उर्मिला चौहान, चंद्रमा देवी,किरण देव, असरफी देवी आदि शामिल थे।
इसलिए हुआ विवाद
रायवाला। रेंज कार्यालय के घेराव के दौरान ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे संजय पोखरियाल ने रेंज अधिकारी पर धक्का देने का आरोप लगाया, जिसके बाद मामला बिगड़ गया और ग्रामीण रेंज अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। उधर रेंज अधिकारी विकास रावत ने बताया कि घेराव के समय मांगें नहीं माने जाने पर आत्मदाह की चेतावनी देने की बात कही गई, जिससे मामला गंभीर होते देख उन्हें समझाने के लिए उनके व वन्यजीव प्रतिपालक प्रदीप कुमार द्वारा अलग स्थान पर समझाने का प्रयास किया जा रहा था।