खतौली के पास कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद शनिवार रात करीब एक बजे तक 400 से ज्यादा प्रभावित हरिद्वार और मुजफ्फरनगर प्रशासन के सहयोग से हरिद्वार पहुंचाए गए।
सभी यात्री कलिंगा से हरिद्वार आ रहे थे। इनमें से अधिकतर को चोटें आई हैं। जिला प्रशासन ने यात्रियों को हरिद्वार लाने के लिए करीब एक दर्जन बसें लगाई हैं। इसके अलावा अस्पतालों में निशुल्क उपचार के साथ-साथ प्रेमनगर आश्रम, शांतिकुंज समेत कई संस्थाओं में ठहरने की व्यवस्था की है।
शनिवार देर रात जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि दुर्घटना में अधिकतर लोग ऐसे हैं जो सोमवती अमावस्या (सोमवार) के स्नान के लिए हरिद्वार आ रहे थे। हरिद्वार प्रशासन प्रभावितों को हर संभव मदद के लिए तत्पर है। प्रशासन की ओर से दो टीमें पहले ही मुजफ्फरनगर भेज दी गई थी।