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Dehradun News: 40 फीसदी कंपनी नहीं कर रही अग्नि सुरक्षा मानक पूरे, जोखिम में कर्मचारियों की जान

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II- कई कंपनियों में एक ही फायर पंप, स्मोक डिटेक्टर सिस्टम भी नहीं
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I- ऑटोमेटिक वॉटर स्प्रिंकलर के लिए चेंज ओवर सिस्टम नहीं लगाया
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Iऔद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में हैब फार्मास्यूटिकल एंड रिसर्च सेंटर की फैक्टरी में अग्निकांड की घटना अन्य कंपनियों के लिए भी बड़ा सबक है। क्षेत्र की करीब 40 फीसदी कंपनियों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। कई कंपनियों में आग लगने की सूचना देने, पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और विद्युत आपूर्ति बंद होने पर भी अग्निशमन उपकरण के संचालित होने की व्यवस्था का अभाव है। अग्निशमन विभाग की चेकिंग के दौरान कई बार लापरवाही भी सामने आई है। इसी को लेकर आज अग्निशमन और पुलिस विभाग की ओर से मानकों के अनुपालन को लेकर उद्योगपतियों के साथ बैठक की जाएगी।
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Iबीते बृहस्पतिवार को हैब फार्मास्यूटिकल एंड रिसर्च सेंटर की फैक्टरी में मैनिफोल्ड सिस्टम से एलपीजी गैस के रिसाव के कारण आग का गुबार फैलने से 11 कर्मचारी झुलस गए थे। बीते शुक्रवार को करीब 95 फीसदी तक झुलसे हरबर्टपुर के आसान बाग निवासी कर्मचारी नितिन कुमार (24) पुत्र मिट्ठू लाल की दून अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, आसनबाग निवासी एक और कर्मचारी प्रवीण कुमार (27) पुत्र मठरू लाल की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
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Iपुलिस विभाग की प्राथमिक जांच में कंपनी की फैक्टरी में स्प्रिंकलर सिस्टम में विद्युत आपूर्ति बंद होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए चेंज ओवर सिस्टम न होने, इमरजेंसी निकासी रास्ते पर अतिक्रमण और कार्यस्थल पर क्षमता से अधिक एलपीजी सिलिंडर के भंडारण आदि की लापरवाही उजागर हुई है।
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Iजानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में करीब 250 फैक्टरियां हैं, इनमें से करीब 50 बंद पड़ी है। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित हो रही 40 फीसदी कंपनी की फैक्टरियों में अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
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Iकई कंपनी की फैक्टरियों में स्प्रिंकलर सिस्टम नहीं लगे हैं। जहां स्प्रिंकलर सिस्टम लगा है, वहां पर सिस्टम पर वैकल्पिक आपूर्ति के लिए चेंज ओवर सिस्टम नहीं लगाया गया है। नियमानुसार छोटी फैक्टरियों में दो फायर पंप और बड़ी में तीन पंप की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन, अधिकतर फैक्टरियों में केवल एक ही फायर पंप लगा है।
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Iफायर पंप बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था न होने से आग बुझाने और रेस्क्यू में और अधिक समय लग जाता है। कई फैक्टरियों में स्मोक डिटेक्टर नहीं लगाए गए हैं। स्मोक डिटेक्टर से आग लगने से पहले धुआं उठते ही अलार्म सिस्टम अलर्ट कर देता है। जिससे आग के विकराल रूप धारण करने से पहले ही उसपर समय रहते काबू पाने में मदद मिलती है।
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Iअग्निशमन विभाग लगातार फैक्टरियों में जांच के लिए अभियान चलता है। कंपनियों को नोटिस में जारी किए जाते हैं। लेकिन, बड़े स्तर पर अभियान न चलाए जाने के कारण फैक्टरियों में अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाती है। जिसके चलते अगलगी की स्थिति में उसके विकराल रूप धारण करने के कारण कई जिंदगियां खतरे में पड़ जाती हैं।
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Iएसएसपी अजय सिंह ने फैक्टरी में प्राथमिक जांच के दौरान सामने आई लापरवाही को देखते हुए अग्निशमन और पुलिस विभाग को उद्योगपतियों की एक बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। आज अग्निशमन और पुलिस विभाग की और से अग्नि सुरक्षा के शत प्रतिशत मानकों के अनुपालन और उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई को लेकर सेलाकुई में बैठक की जाएगी।
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Iवहीं, अग्निशमन अधिकारी, सेलाकुई ईसम सिंह ने बताया कि उद्योगपतियों के साथ बैठक के दौरान उन्हें अग्नि सुरक्षा के मानकों के अनुरूप उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर जानकारी दी जाएगी। बताया कि निर्धारित समय सीमा के बाद चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।I
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