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38th National Games: उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेल सिर पर, विभाग को नहीं मिले स्थायी खेल प्रशिक्षक

Mon, 13 Mar 2023 03:37 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश में स्थायी खेल प्रशिक्षकों की पिछले काफी समय से कमी है। विभाग की ओर से पूर्व में 60 पदों के लिए नियुक्ति निकाली गई थी लेकिन इसके लिए खेल प्रशिक्षण का डिप्लोमा एवं अन्य जरूरी अर्हता पूरी न होने से वर्ष 2019 से 2022 तक विभाग को मात्र 28 खेल प्रशिक्षक मिले।

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बैठक लेती मंत्री रेखा आर्य (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में अगले साल 38वें राष्ट्रीय खेल होने हैं लेकिन विभाग को स्थायी खेल प्रशिक्षक नहीं मिल रहे हैं। विभाग ने राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से 60 खेल प्रशिक्षकों के लिए नियुक्ति निकाली लेकिन इसके लिए जरूरी अर्हता पूरी न करने से विभाग को मात्र 28 खेल प्रशिक्षक ही मिले।

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विभाग के निदेशक जितेंद्र सोनकर के मुताबिक हर जिले में कम से कम आठ-आठ स्थायी खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की जा सके इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश में स्थायी खेल प्रशिक्षकों की पिछले काफी समय से कमी है।

अधिकतर पदों पर संविदा पर खेल प्रशिक्षक तैनात
विभाग की ओर से पूर्व में 60 पदों के लिए नियुक्ति निकाली गई थी लेकिन इसके लिए खेल प्रशिक्षण का डिप्लोमा एवं अन्य जरूरी अर्हता पूरी न होने से वर्ष 2019 से 2022 तक विभाग को मात्र 28 खेल प्रशिक्षक मिले। स्थायी खेल प्रशिक्षक न होने से अधिकतर पदों पर संविदा पर खेल प्रशिक्षक तैनात हैं।

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विभाग के निदेशक के मुताबिक विभाग में वर्तमान में 201 अस्थायी और 28 स्थायी खेल प्रशिक्षक हैं। हर जिले में कम से कम आठ-आठ स्थायी खेल प्रशिक्षकों की तैनाती की जा सके इसकी प्रक्रिया चल रही है। शासन में वित्त विभाग को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद राज्य लोक सेवा आयोग को पूर्व के खाली रह गए 32 पदों के साथ ही हर जिले में आठ-आठ खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे जाने के बावजूद पूर्व में खेल प्रशिक्षकों के कई पद खाली रह गए लेकिन अब फिर से इसके लिए नियुक्ति निकाली जाएगी। ऐसा हो सकता है पहले जो अभ्यर्थी इसके लिए अर्हता पूरी नहीं कर पा रहे थे वे अब इसके लिए पात्र हो गए हों। -जितेंद्र सोनकर, खेल निदेशक

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