देश की आन-बान-शान की रक्षा की शपथ लेने के साथ ही 22वें सहायक सेनानी जीडी के 34 नवसैन्य अधिकारी सहायक सेनानी राजपत्रित अधिकारी बल की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। 52 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के बाद शनिवार सुबह भारत-तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी के परेड मैदान में बल की वेशभूषा में सजे-धजे यह नवसैन्य अधिकारी आत्मबल से लबालब थे। इनकी कदमताल से पूरा परेड मैदान गुंजायमान था। बल ने पाइप बैंड की सुमधुर धुन पर शानदार मार्च किया गया।
परेड मैदान में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त महानिदेशक आईटीबीपी आरके भाटिया ने परेड का निरीक्षण किया। बल ध्वज और तिरंगे के नीचे नवसैन्य अधिकारियों ने देश के रक्षा की शपथ ली। अकादमी के सेनानी प्रशिक्षण सेंथिल कुमार ने इन नवसैन्य अधिकारियों को शपथ दिलाई।
इससे पहले मुख्य अतिथि आरके भाटिया ने परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह हर सैन्य अधिकारी के जीवन का सबसे यादगार दिन होता है। विश्वविद्यालय से पास आउट होने के बाद इन हिमवीरों को तराशने में पूरे एक साल का समय लगता है। 52 सप्ताह में जो कुछ भी इन्हें सिखाया जाता है, वह जीवन पर्यंत काम आएगा।
उन्होंने कहा कि बल में इन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी दी जाएगी। आने वाला समय चुनौतियों से भरा है। ऐसे समय में प्रशिक्षण के दौरान जो कुछ सिखाया गया, उसी के बूते यह सैन्य अधिकारी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि बल का तमाम सेनाओं में अद्वितीय स्थान है। अकादमी के निदेशक सुधांशु मिश्रा ने समारोह में पहुंचे सभी अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी, अभिभावकों का आभार जताया। इस मौके पर उपनिदेशक दविंदर सिंह, सेनानी प्रशासन मनीष कुमार, सेवानिवृत्त डीआईजी हीरा सिंह बिष्ट समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
यूपी से सबसे अधिक 13 अधिकारी
नवसैन्य अधिकारियों में सर्वाधिक उत्तर प्रदेश से 13, हरियाणा से आठ, बिहार से तीन, झारखंड, राजस्थान और पंजाब से दो-दो, दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तराखंड और मणिपुर से एक-एक शामिल थे। इस मौके पर प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया। सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण और स्वार्ड ऑफ होम मिनिस्टर सहायक सेनानी नवीन कुमार को दिया गया। इसके अलावा आचरण के लिए उपेंद्र वी सिंह, खेलकूद के लिए शिवेंद्र सिंह को सर्वश्रेष्ठ अवार्ड से नवाजा गया।