फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: 3300 शिक्षा मित्र बने सहायक अध्यापक

Fri, 02 Jan 2015 03:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
नए साल के पहले दिन ही शिक्षा विभाग से बीटीसी प्रशिक्षित 3300 शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाकर शानदार तोहफा दिया है।
विज्ञापन


इसके अलावा 1400 शिक्षा मित्रों को डीएलड (डिप्लोमा की लर्निंग एजुकेशन) कराने के लिए केंद्र को लिखने का भी फैसला किया गया है।

सहायक अध्यापक बनने के बाद बीटीसी प्रशिक्षितों को करीब 30 से 35 हजार रुपये तक का वेतन मिलेगा जबकि अब तक इन्हें 13 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी का कहना है कि जो जहां पर है वहीं उसे नियुक्ति मिलेगी। मंत्री ने आउटसोर्स से 670 चतुर्थ श्रेणी के पदों को भी भरने का आदेश दिया।

देर रात विधानसभा में हुई बैठक
बृहस्पतिवार को विधानसभा में मंत्री की अध्यक्षता में हुई अपर मुख्य सचिव एस राजू और अन्य अधिकारियों की बैठक में ये फैसले किए गए। बैठक में तय किया गया कि बीटीसी प्रशिक्षित करीब 3300 शिक्षकों को सहायक अध्यापकों को नियुक्ति दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां कार्यरत हैं वहीं मिलेगी नियुक्त‌ि

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन शिक्षकों को वहीं नियुक्ति दी जाए जहां ये इस समय कार्यरत हैं। इसके साथ ही बैठक में उन 1400 शिक्षा मित्रों की समस्या पर भी विचार किया गया जो प्रशिक्षण न होने के कारण मानदेय पर काम करने को विवश हैं। तय किया गया कि इन शिक्षकों को डीएलएड कराने के लिए केंद्र से अनुमति ली जाएगी।

मंत्री ने दिए निर्देश
-अगले सत्र के लिए शासकीय विद्यालयों को बेहतर गुणवत्ता की पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं।
-कागज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ताजी लुगदी वाले पेपर पर किताबें छापी। इसके लिए दोबारा निविदा हो।
-बीएड, टीईटी प्रशिक्षितों के मामले में प्रथम कॉउंसिलिंग से रिक्त सभी पदों पर संशोधित सूची जारी करवा कर 389 पदों को सामान्य विज्ञप्ति में जोड़ते हुए पांच मार्च 2014 के 1800 पदों को इसी विज्ञप्ति में शामिल करवाया जाए।

-आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बढ़ाए जाने वाले 862 पदों के साथ ही बीएड, टीईटी प्रशिक्षितों के 389 पदों को भी शामिल किया जाए।
-ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, बीआरसी और सीआरसी की जिम्मेदारी तय की जाए।
-सीटी संवर्ग शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें