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लोक कलाकारों ने पेश की बहुरंगी लोक संस्कृति की झलक

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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यूनिवर्सल संस्कृति शोध नाट्य एकेडमी की ओर से आयोजित चार दिवसीय 16वें यूनिवर्सल रंग महोत्सव का आगाज शुक्रवार को नगर निगम के सभागार में हुआ। महोत्सव में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश पंजाब, हिमाचल, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, दिल्ली, असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक मध्यप्रदेश से लोक कलाकार पहुंचे हैं। इस अवसर पर लोक कलाकारों ने भारत की बहुरंगी लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
नगर निगम के सभागार में आयोजित चार दिवसीय महोत्सव के पहले दिन असम के बिहू लोकनृत्य की धूम रही। इसके अलावा देशभर से जुटे कलाकारों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियों से खूब वाहवाही लूटी। महोत्सव की संयोजक डॉ. राखी राजपूत ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य देश की संस्कृति से रूबरू कराने के साथ ही कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि भारत ऐतिहासिक, धार्मिक और संस्कृति की धरोहरों वाला देश है। एकेडमी के सचिव भाग सिंह नेगी ने संस्कृति बचाने के लिए कलाकारों का आह्वान किया। इस मौके पर अनुज राजपूत, डॉ. कुशल भट्टाचार्य, डॉ. उमा जया, लेखराज प्रमुख, अरुण सिंह, अंकुर पी. दास, राधा कृष्णा, शीतल सेन आदि मौजूद रहे।
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स्कूली बच्चों ने ‘बलिदान’ के मंचन से मोहा मन
महोत्सव के पहले दिन स्कूली बच्चों ने अनुज पंडित के निर्देशन में ‘बलिदान’ नाटक का मंचन कर दर्शकों का मन मोह लिया। नाटक के जरिए बच्चों ने देश के जवानों के बलिदान को याद किया।
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सुर और ताल से जमाया रंग
महोत्सव में विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से महोत्सव में सुर और ताल से रंग जमाया। असम से पहुंचीं महिला कलाकारों ने लोक गीत की प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरीं। आंध्रप्रदेश की 15 वर्षीय रहिमा बेगम ने अपने नृत्य से समा बांधा। कार्यक्रम में लोक नृत्य, वाद्य संगीत, शास्त्रीय गायन और नृत्य भी सराहनीय रहे।
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