फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्द से कराहती गर्भवती को गांधी शताब्दी अस्पताल से लौटाया

विज्ञापन
विज्ञापन
दर्द से कराहती गर्भवती को गांधी शताब्दी अस्पताल से लौटाया
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। तमाम दावों और करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद राजधानी के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं आ रहा है। प्रसव जैसे गंभीर मामलों में भी स्वास्थ्यकर्मी पीड़ितों को टरकाने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह हाल तब है जब इन अस्पतालों में मुख्यमंत्री, राज्य महिला आयोग और राज्यपाल तक दौरा कर सुधार के लिए सख्त हिदायतें दे चुके हैं लेकिन अभी तक व्यवस्था में सुधार नहीं आ सका है।
ऐसे ही एक और ताजा मामला प्रकाश में आया है, जिसमें गांधी शताब्दी अस्पताल से दर्द से कराहती गर्भवती महिला को ऑपरेशन का हवाला देकर डाक्टरों ने लौटा दिया। जिसके बाद परिजनों ने अपने खर्चे पर महिला को दून महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे सामान्य प्रसव हुआ। महिला के परिजनों का आरोप है कि गांधी शताब्दी अस्पताल मरीजों को ऑपरेशन बताकर दून महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन

सोमवार रात दून महिला अस्पताल में छह मरीजों को लाया गया। इन मरीजों के परिजनों ने बताया कि इससे पहले वह गांधी अस्पताल में गए थे। जहां उन्हें सुविधा न होने का हवाला देकर दून महिला अस्पताल भेज दिया गया। ऐसे ही रायपुर निवासी एक महिला को रात करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा होने के कारण महात्मा चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन होना बताकर वहां से दून महिला अस्पताल रेफर कर दिया। दून महिला अस्पताल में महिला का देर रात सामान्य प्रसव हुआ और उसने बच्ची को जन्म दिया। इस पर परिजनों ने गांधी अस्पताल के डॉक्टरों की योग्यता पर ही सवाल उठा दिए।
विज्ञापन


कोट::::
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कोई मामला है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. बीसी रमोला, सीएमएस, गांधी शताब्दी अस्पताल

सीएमएस टम्टा ने गार्डों को लगाई फटकार
देहरादून। दून महिला अस्पताल में पहले बच्चा चोरी का प्रयास और उसके बाद महिला का गला दबाने वाली घटना का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को प्राचार्य डॉ. नवीन थपलियाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गार्डों को फटकार लगाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गार्डों को अपराह्न तीन बजे से सुबह आठ बजे के बीच किसी भी व्यक्ति को आईडी की जांच किए बिना एंट्री नहीं दिए जाने के भी आदेश दिए। कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदार भी केवल पास होने पर ही अस्पताल में प्रवेश कर पाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें