गुलदार शिकार प्रकरण की सीबीआई जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दो माह पूर्व राजाजी टाइगर रिजर्व के दूधिया बीट के हरिपुर कलां सपेरा बस्ती के सामने बरामद की गईं गुलदार की हड्डियों और खाल के मामले में एसटीआई के साथ ही सीबीआई जांच शुरू कर दी गई है। वन विभाग के सूत्राें के मुताबिक दिल्ली से आई सीबीआई की दो सदस्यीय टीम ने जांच पड़ताल शुरू करने के साथ ही कई अहम दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है। सीबीआई टीम ने पीसीसीएफ समेत दो दर्जन अधिकारियों, कर्मचारियाें व जेल में बंद आरोपी तस्करों को भी पूछताछ के लिए सम्मन जारी किया है।
दूसरी ओर सीबीआई जांच शुरू होने के साथ ही विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण में लीपापोती करने वाले कई विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को इस बात का डर सताने लगा है कि अब जबकि प्रकरण की सीबीआई जांच शुरू हो गई है तो उनकी कलई खुल सकती है। वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक सीबीआई टीम पीसीसीएफ के अलावा सीसीएफ मनोज चंद्रन, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक सनातन सोनकर, तत्कालीन उप निदेशक, वार्डेन कोमल सिंह, रेंजर अनूप सिंह गुसाईं, वन दारोगा अशोक सिंह, वनरक्षक प्रवेश कुमार के साथ ही इसी प्रकरण में गिरफ्तार किए गए या आत्मसमर्पण कराने वाले आरोपियों पंछीनाथ, सहजा, पत्थरनाथ, योगेश और जीवानाथ से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई उन लोगों को सम्मन भी जारी कर चुकी है। हालांकि जब इस संबंध में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली गई तो उन्होंने फिलहाल सीबीआई की ओर से सम्मन मिलने से इंकार किया है।
उल्लेखनीय है कि राजाजी टाइगर रिजर्व के दूधिया बीट के हरिपुर कलां सपेरा बस्ती के सामने 22 मार्च को पार्क के अफसरों व कर्मचारियों ने बोरे में बंद गुलदार की हड्डियां व खाल बरामद की थीं। प्रकरण की जांच कर रही विभागीय टीम ने इसका खुलासा करते हुए रायवाला निवासी मीट कारोबारी अमित कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया था जबकि घटना में शामिल पांच तस्करों का नाम सामने आया था। जिसमें से कई ने बाद में अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
रेंजर समेत कई को किया था कार्यालय से संबद्ध
इस प्रकरण की जांच पूरी हुए बगैर सीसीएफ मनोज चंद्रन की रिपोर्ट पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने रेंजर अनूप सिंह गुसाईं, वन दारोगा अशोक सिंह व वनरक्षक प्रवेश कुमार को कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इन सभी कर्मचारियों का कहना है कि सीबीआई टीम यदि पूछताछ करेगी तो सारी जानकारी मुहैया कराई जाएंगी।