सीजेएम कोर्ट में पेश हुए सुबोध उनियाल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से मारपीट के मामले में सोमवार को कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में सोमवार को आरोप-पत्र पर सुनवाई होनी थी, लेकिन अन्य आरोपियों के न पहुंचने पर न्यायालय ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 जुलाई दी है। वहीं गैरहाजिर रहने वाले नेताओं ने न्यायालय से हाजिरी माफी मांगी है।
गौरतलब है कि 20 दिसंबर 2009 को तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान मंत्री हरक सिंह रावत की अगुवाई में विधानसभा का घेराव कर हंगामा किया गया था। आरोप है कि इस दौरान नेताओं ने पुलिस के साथ अभद्रता और मारपीट भी की थी। इस संबंध में नेहरू कॉलोनी थाने में हरक सिंह रावत, सुबोध उनियाल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, शंकर चंद्र रमोला, संग्राम सिंह पुंडीर, विनोद रावत, शिवेश बहुगुणा सहित कई अन्य पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
वर्ष 2013 से इस मामले की सुनवाई चल रही थी। गत 20 अप्रैल को न्यायालय ने सुनवाई के दौरान उक्त सभी नेताओं के गैरहाजिर रहने पर गैर जमानती वारंट जारी कर चार दिन में कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया था। इसके बाद इन नेताओं ने 24 अप्रैल को न्यायालय में पेश होकर अपनी जमानत कराई थी। पिछले दिनों पुलिस ने इस मामले में न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल किया था।
सुबोध उनियाल के अधिवक्ता रघुवीर सिंह कठैत ने बताया कि सोमवार को इस मुकदमे में आरोप-पत्र पर सुनवाई होनी थी। इसके लिए सुबोध उनियाल कोर्ट पहुंचे थे। अन्य नेता अनुपस्थित रहे थे। इसके लिए उनकी ओर से हाजिरी माफी मांगी गई है। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए आगामी 12 जुलाई मुकर्रर की है।