ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
भइया! आखिर ये दीवार टूटती क्यों नहीं... एक टीवी विज्ञापन की यह पंक्ति बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सबकी जुबान पर आ गई। दरअसल, अतिक्रमण कर एक इतनी मजबूत दीवार बनाई गई थी, जिसे दो जेसीबी भी करीब 15 मिनट तक मशक्कत करने के बावजूद तोड़ नहीं पाईं। इसके बाद दीवारों को छोड़कर अन्य अतिक्रमण ढहाए गए।
बृहस्पतिवार को रिस्पना पुल के पास अभियान शुरू करने के बाद एक जेसीबी की मदद से तीन अतिक्रमण को ढहाया गया। इसके बाद एक निर्माणाधीन परिसर की दीवार तोड़ने को प्रयास किया, लेकिन जेसीबी से दीवार टूटी नहीं। इसके बाद दूसरी जेसीबी मंगवाई गई। दोनों जेसीबी करीब 15 मिनट तक प्रयास करने के बावजूद दीवार नहीं टूटी। टास्क फोर्स ने हर तरह से दीवार तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
इसके बाद टीम ने निर्माणाधीन परिसर तक पहुंचने के लिए नाली के ऊपर बनाए गए रैंप को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भी नहीं टूटा। जेसीबी की मदद से उसकी बुनियाद को तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुई। इस प्रयास में सड़क का बड़ा हिस्सा और नाली जरूर टूट गई। इसके बाद टीम को अभियान रोकना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि ड्रिल मशीन और कटर की मदद से कंक्रीट की दीवार और रैंप तोड़कर अतिक्रमण हटाएंगे।