ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पॉलिटेक्निकों में डिप्लोमा में दाखिले के लिए सिविल इंजीनियरिंग का क्रेज देखने को मिला है। युवाओं की पसंद में एग्रीकल्चर, आईटी और कंप्यूटर साइंस निचले पायदान पर रहे हैं। बुधवार को पहले चरण की पॉलिटेक्निक काउंसिलिंग के तहत सीट आवंटन किया गया। पहले चरण में 6599 छात्र-छात्राओं को सीट आवंटित की गई है।
पॉलिटेक्निक काउंसिलिंग के लिए प्रदेशभर से 11,263 छात्र-छात्राओं ने च्वाइस लॉक की थी। इनमें सबसे ज्यादा डिप्लोमा इंजीनियरिंग के लिए 7394 छात्र-छात्राओं ने अपनी च्वाइस लॉक की थी। इनमें से 4734 छात्रों को सीट आवंटित की गई। इसके अलावा होटल मैनेजमेंट के लिए 164 ने च्वाइस लॉक की थी, जिनमें 127 को सीट आवंटित हुई। मॉडर्न ऑफिस के लिए 188 ने च्वाइस लॉक की, जिनमें से 170 को सीट आवंटित की गई। फार्मेसी डिप्लोमा के लिए 2288 ने च्वाइस लॉक की, जिनमें से 996 को सीट आवंटित हुई। टैक्सटाइल डिजाइनिंग डिप्लोमा के लिए 169 ने च्वाइस लॉक की, जिनमें से 105 को सीट आवंटित हुई।
पीजी डिप्लोमा के लिए 17 युवाओं ने च्वाइस लॉक की, जिनमें से 16 को सीट आवंटित की गई। डिप्लोमा लेटरल एंट्री के लिए 1043 ने च्वाइस लॉक की, जिनमें से 547 को सीट आवंटित की गई। सीट आवंटन की जानकारी छात्रों को एसएमएस के माध्यम से भेजी गई। सबसे ज्यादा छात्रों ने सिविल, मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के लिए च्वाइस लॉक की थी। जबकि, एग्रीकल्चर डिप्लोमा, आईटी डिप्लोमा और कंप्यूटर साइंस डिप्लोमा में छात्रों का रुझान कम रहा। आवंटित सीटों पर 28 जून से तीन जुलाई तक दाखिले होंगे। इसके बाद बची हुई सीटों के लिए पांच जुलाई से दूसरे चरण की काउंसिलिंग शुरू होगी।