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सीबीएसई 10वीं में दो बार मूल्यांकन

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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देशभर में लंबे समय बाद बोर्ड पैटर्न पर चल रही 10वीं की परीक्षाओं का मूल्यांकन दो बार किया जाएगा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इसके ताजा निर्देश जारी कर दिए हैं। दो एग्जामिनर पर एक हेड एग्जामिनर तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही बोर्ड ने इस साल मूल्यांकन ड्यूटी से कतराने वाले स्कूलों पर भी शिकंजा कर दिया है। जो विद्यालय अपने शिक्षकों को मूल्यांकन में भेजने में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ जुर्माने से लेकर मान्यता खत्म करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं इन दिनों जारी हैं। इसी बीच बोर्ड ने मूल्यांकन को लेकर कुछ तब्दीलियां की हैं। बोर्ड के मुताबिक परीक्षा परिणाम में पारदर्शिता और मूल्यांकन सही हो, इसके लिए डबल मूल्यांकन का प्रावधान किया गया है। सीबीएसई में अभी तक पूरे मूल्यांकन केंद्र पर एक ही हेड एग्जामिनर होता था लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब दो मूल्यांकन करने वाले एग्जामिनर पर एक हेड एग्जामिनर तैनात रहेगा। जिन उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन यह दो एग्जामिनर करेंगे, उनका दोबारा मूल्यांकन करना हेड एग्जामिनर की जिम्मेदारी होगा। बोर्ड ने यह फैसला इसलिए भी लिया है क्योंकि बोर्ड गत वर्ष ही स्क्रूटनी का विकल्प खत्म कर चुका है। हर प्रश्न की जांच के अलावा टोटलिंग देखी जाएगी। इसके बाद उस उत्तर पुस्तिका को केंद्र अधीक्षक वेरिफाई करेंगे। अब केवल उत्तर पुस्तिका पर छात्र दावा कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को प्रति प्रश्न पांच सौ रुपये देने होते हैं।
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शिक्षक न भेजे तो जाएगी मान्यता
उधर, सीबीएसई ने मूल्यांकन से ठीक पहले स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बार जो भी स्कूल अपने शिक्षकों की जानकारी छिपाएगा या फिर एग्जामिनर नहीं भेजेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान कर दिया गया है। सीबीएसई देहरादून रीजन के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों को ताकीद कर दी गई है कि वह मूल्यांकन में अनिवार्य तौर पर अपने शिक्षक भेजें। अगर कोई भी स्कूल इसमें आनाकानी करेगा तो उसका रिजल्ट रोक दिया जाएगा। इसके अलावा उस स्कूल के खिलाफ जुर्माने से लेकर मान्यता खत्म करने की भी प्रक्रिया अमल में लाई जा सकती है। गौरतलब है कि हर साल बोर्ड के मूल्यांकन के दौरान तमाम ऐसे स्कूल हैं जो कि बहानेबाजी कर अपने शिक्षकों को नहीं भेजते हैं।
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