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अनशनकारी की नहीं ली सुध

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हरिद्वार।
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आमरण अनशन पर बैठे 81 वर्षीय मामा तिलकराज की चार दिन बाद भी प्रशासन ने सुध नहीं ली। लगातार चार दिन से आमरण अनशन के कारण उनका स्वास्थ्य गिर रहा है।
सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के सात साल बाद भी स्थायी विकल्प नहीं मिलने से परेशान 81 वर्षीय बुजुर्ग मामा तिलकराज चार दिन से रेलवे रोड पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुजुर्ग लघु व्यापारी का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। प्रशासन की इस बेरुखी से लोगों में रोष है। बड़ी संख्या में लघु व्यापारी रविवार को उनके समर्थन में धरने पर बैठे। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए ऐलान किया कि यदि बुजुर्ग लघु व्यापारी के साथ अनहोनी हुई तो प्रशासन इसके लिए सीधे जिम्मेदार होगा। धरना स्थल पर विकल्प की मांग को लेकर बैठे लोगों ने शहरी विकास मंत्री द्वारा आंदोलन और समस्या की अनदेखी किए जाने की आलोचना की है। धरने पर बैठने वालों में राजकुमार तनेजा, सचिन त्यागी, गुलशन, अमित शर्मा, राजेश शर्मा, तपन शर्मा, कीर्ति सिंह, मुकेश मनोचा, इसरार, रमेश कुमार आदि शामिल थे। लघु व्यापारिक समिति के अध्यक्ष चोखेलाल ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट अज्ञैर हाईकोर्ट के आदेश को भी बार-बार अनदेखा किया जा रहा है। लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास मंत्री और मेयर भी गहरी नींद में हैं। इसलिए 81 वर्ष के बुजुर्ग को आमरण अनशन पर बैठना पड़ा है।
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राज्य आंदोलनकारी भी आए समर्थन में
हरिद्वार। खोखा दुकानदारों को स्थायी विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे बुजुर्ग लघु व्यापारी मामा तिलकराज के समर्थन में राज्य आंदोलनकारी समिति भी आ गई है। केंद्रीय अध्यक्ष जेपी पांडेय, महामंत्री रामदेव मौर्य व जिला सचिव चौधरी अफजल अल्वी ने धरना स्थल पर आकर आंदोलन का समर्थन किया और सुप्रीमकोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार तत्काल स्थायी विकल्प दिए जाने की मांग की।
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