ब्यूरो /अमर उजाला /देहरादून।
हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत के मामले की जांच कर रहे एडीएम वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल ने जनता से साक्ष्य मांगें हैं। उन्होंने लोगों से 15 दिन के भीतर साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है, जिससे साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा सके।
बीते छह जनवरी को हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय जनता मिलन कार्यक्रम में जहरीला पदार्थ खाकर पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर पहले उन्हें दून अस्पताल और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान नौ जनवरी को ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत हो गई। इस मामले में जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने घटना से संबंधित कारणों की जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल को सौंपी थी। बुदियाल ने बीते दिनों अस्पताल जाकर ट्रांसपोर्टर का इलाज कर रहे चिकित्सकों के बयान दर्ज किए थे। अब उन्होंने प्रकाश पांडेय की मौत से पहले घटना की स्थिति और कारणों आदि को लेकर लोगों से जांच में सहयोग की अपील की है। उन्होंने लोगों से घटना से संबंधित साक्ष्य या दस्तावेज 15 दिन के भीतर उनके कार्यालय में आकर देने की अपील की है। मांगें हैं।
ट्रांसपोर्टर की मौत मामले की न्यायिक जांच हो: ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत के मामले की जांच को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने गांधी पार्क में संयुक्त रूप से धरना दिया। उन्होंने राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सपा, बसपा, उक्रांद, भाकपा, उपपा, जनता और भाकपा माले ने मंगलवार को संयुक्त रूप से गांधी पार्क में धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने ट्रांसपोर्टर के मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग की। इसके अलावा राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन में ट्रांसपोर्टर के परिवार को मुआवजा एवं नौकरी देने, दोषी अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान बच्चीराम कंसवाल, इंद्रेश मैखुरी, हितेश मोहन नैथानी, रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह नेगी, समर भंडारी, कुलदीप मदवाल, हरजिंदर सिंह, अशोक शर्मा, लेखराज, अभिषेक भंडारी, अतुल कुमार सती आदि मौजूद रहे।