अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ मेला से पहले इस बार सिस्टम बढ़ते अतिक्रमण से भिड़ने को तैयार हो रहा है। कांवड़ मेला व्यवस्था बनाने के लिए मेला क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराना जरूरी है। सिंचाई खंड ने मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत कर दी है। इसमें गंगा नदी के चंडीघाट द्वीप तथा बैरागी कैंप से रसूखदारों के कब्जे ध्वस्त कराना भी शामिल है।
सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने भी नमामि गंगे योजना को सफल बनाने के लिए डीएम को गंगा नदी तथा गंगा घाटों से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिए हैं। मेला भूमि पर अतिक्रमण हो लेकर शनिवार को जिलाधिकारी के सामने प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी भिड़ गए थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आरोप था कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन व पुलिस का सहयोग नहीं मिलता है। तब जिलाधिकारी दीपक रावत ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि कांवड़ मेले से पहले अतिक्रमण हटाने की योजना बनाकर लाएं, प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। डीएम के भरोसे उत्साहित सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिकारियों ने 29 जून से अतिक्रमण हटाओ अभियान का पांच दिवसीय कार्यक्रम बनाया है। अभियान बैरागी कैंप की आरक्षित मेला भूमि से शुरू होगा, जो जिलाधिकारी दीपक रावत की प्राथमिकता में हैं। बैरागी कैंप में बढ़ते अतिक्रमण को देखने पर डीएम ने सिंचाई विभाग के दो अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी थी।
कांग्रेस-भाजपा के संरक्षण हो रहा है अतिक्रमण
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने मेला भूमि पर अतिक्रमण कराने में कांग्रेस व भाजपा के कई नेताओं का हाथ बताया है। उन्होंने बताया कि अपर सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई है। बैरागी कैंप में तो दर्जाधारी रहे एक कांग्रेस नेता के संरक्षण में सरकारी बाग की भूमि बेची जा रही है। बाग का ठेका भी नहीं होने दिया जा रहा है। कांग्रेस के नेता ने दो बार अपने ही लोगों से बोली लगवाई और फिर 10 हजार रुपये की धरोहर जब्त कराकर ठेका नहीं लिया। ऐसा सिर्फ बाग की भूमि पर कब्जा बनाने के लिए किया गया है। भाजपा के कई प्रभावशाली नेता भी अतिक्रमण करवाने में शामिल हैं। पंतद्वीप पार्किंग के अंदर सैकड़ों अवैध दुकानें लगवाने में भी उनका हाथ है। डीके सिंह इसको ऑनरिकार्ड लाने की तैयारी भी कर रहे थे। उनका कहना है कि अतिक्रमण व कब्जों को लेकर विभाग की बदनामी हो रही है। उनका यहां तक कहना था कि कई प्रशासनिक अधिकारी तक अतिक्रमण कराने में शामिल हैं।
हम तो तैयार हैं
कांवड़ मेले से पहले अतिक्रमण व कब्जों को हटाने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। अधिशासी अभियंता डीके सिंह की ओर से डीएम व एसएसपी को तारीखवार पूरा कार्यक्रम दे दिया गया है। उनके स्थान पर नए अधिशासी अभियंता राकेश तिवारी ने कार्यभार संभाल लिया है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार अतिक्रमण व अवैध कब्जों को ध्वस्त करने के लिए जेसीबी व लेबर की व्यवस्था कर ली है। मजिस्ट्रेट व पुलिस फोर्स उपलब्ध होने पर मेला भूमि खाली करा दिया जाएगा। - एनएस कुंडरा उप राजस्व अधिकारी, सिंचाई खंड हरिद्वार।