ऊखीमठ (ब्यूरो)। एसएसबी-59 बटालियन बरेली में तैनात 37 वर्षीय पैंज गांव निवासी जवान कुलदीप सिंह रावत का अंतिम संस्कार मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर ऊखीमठ बाजार भी बंद रहा।
शुक्रवार को प्रात: 10 बजे एसएसबी के हवलदार का शव सेना के वाहन से ऊखीमठ लाया गया। तिरंगे में लिपटे शव को एसएसबी के जवान बाजार होते हुए गांव लाए। यहां पिता गोविंद सिंह, माता तुलसा देवी, पत्नी दीपा देवी, 12 वर्षीय पुत्र बॉबी और 6 वर्षीय पुत्री गुंजन सहित अन्य परिजन व ग्रामीण शव देख बिलख-बिलख कर रोने लगे। माता व पत्नी रोते-रोते बेसुध हो गए। बमुश्किल उन्हें होश में लाया गया। परिजनों द्वारा अंतिम दर्शन के बाद शव को ऊखीमठ-कुंड मोटर मार्ग पर मंदाकिनी नदी किनारे पैतृक घाट पर लाया गया। जहां एसएसबी के जवानों ने अपने साथी को तीन राउंड फायर के साथ अंतिम विदाई दी। शव के साथ आए एसएसबी के अधिकारी व जवानों ने बटालियन की तरफ से पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुखाग्नि मृतक जवान के छोटे भाई कुलवीर ने दी। इस मौके पर जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और गांवों के ग्रामीणों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार की रात्रि करीब आठ बजे बहराइच में तैनात एसएसबी के जवान कुलदीप सिंह रावत गश्त खत्म करने के बाद पाताल चूही नाला में नहाने गया था। जहां वह पानी के तेज बहाव में बह गया था। खोजबीन के बाद उसका शव घटनास्थल से एक किमी दूर बरामद किया गया था।