इस बार चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने के साथ ही शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके लिए जल संस्थान ने यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर 31 वाटर एटीएम और 60 वाटर प्यूरीफायर की व्यवस्था की है। इसके अलावा जल संस्थान ने यात्रा मार्गों पर टैंक टाइप व पिलर टाइप स्टैंड पोस्ट के साथ हैंडपंपों की व्यवस्था की है।
चारधाम यात्रा पर हर साल देश-विदेश के लाखों पर्यटक आते हैं। यात्रा के दौरान उन्हें पेयजल की समस्या से भी जूझना पड़ता है। इससे निपटने के लिए जल संस्थान ने तैयारी पूरी कर ली है। यात्रा मार्गों पर ऐसे दुर्गम स्थान जहां पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं है, वहां भी वैकल्पिक व्यवस्था की जा चुकी है। जल संस्थान के इस प्रयास से बोतल बंद पानी के इस्तेमाल में भी कमी आएगी और जगह-जगह प्लास्टिक कचरा फैलने से निजात मिलेगी।
घोड़े, खच्चरों के लिए चरही के साथ ही गर्म पानी की व्यवस्था
यात्रा मार्गों पर घोड़े-खच्चरों, पशुओं को पानी उपलब्ध करवाने के लिए 59 चरही निर्मित की गई हैं। साथ ही गर्म पानी की व्यवस्था भी की है।
लीकेज की मरम्मत करने के निर्देश
यात्रा काल में पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पाइप लाइनों की लीकेज को चिन्हित कर मरम्मत करने, सभी हैंडपंपों को चालू रखने और मानकों के अनुरूप क्लोरिनेशन के बाद पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य महाप्रबंधक ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए विभाग शाखा, इकाई स्तर पर कॉल सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं।
यहां लगाए गए हैं वाटर एटीएम
- देवप्रयाग क्षेत्र के शिवपुरी, गुलर, व्यासी, कौडियाला, कीर्तिनगर, देवप्रयाग, मलेथा, सीतापुर
- रुद्रप्रयाग क्षेत्र के सोनप्रयाग टैक्सी स्टैंड के पास, गौरीकुंड, तप्तकुंड के पास
- चमोली क्षेत्र के पुरसाड़ी, मैठाणा, मंडल, मायपुर, विरही, पाखी, गोविंदघाट, पांडुकेश्वर
- कर्णप्रयाग क्षेत्र के कमेड़ा, बडाणु
- टिहरी गढ़वाल क्षेत्र के फकोट, कंडीसौड़
- उत्तरकाशी क्षेत्र के मांडो, नैताला, गंगोरी, सुक्कीटॉप, लंका, धरासू, चौरंगीखाल, शिवगुफा, झाला
चारधाम यात्रा पर जल संस्थान ने यह की व्यवस्था
टैंक टाइट स्टैंड पाेस्ट -224
पिलर टाइप स्टैंड पोस्ट -421
हैंडपंप-1098
शौचालय-97
साइन बोर्ड-274
चरही- 59
वाटर एटीएम-31
वाटर प्यूरीफायर-60
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। पहली बार यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर वाटर एटीएम व वाटर प्यूरीफायर की व्यवस्था की गई है। संकटग्रस्त क्षेत्रों में पिलर टाइप व टैंक टाइप स्टैंड पोस्ट स्थापित कर दिए गए हैं।
निलिमा गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान