देहरादून के प्रेनगर में कई वर्षों से पट्टे की जमीन पर बसे 2700 परिवारों को भूमि का मालिकाना हक मिलेगा। वहीं, टीचर्स कालोनी में सर्किल रेट एक समान होंगे। कैंट विधान सभा की दीपलोक कालोनी में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनते हुए अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को देर रात दीपलोक कालोनी में आयोजित चौपाल में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनते हुए कुछ परिवारों को आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। क्षेत्र में पेयजल समस्या पर मुख्यमंत्री ने कौलागढ़ में मिनी ट्यूबवेल लगाने के निर्देश दिए। मशंदावाला में अवैध खनन की शिकायत पर उन्होंने कहा कि खनन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री ने लोगों की पेयजल, सड़क, बिजली से संबंधित समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। चौपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सीएम को टीचर कालोनी की समस्या से करवाया अवगत कराया। इस पर सीएम ने कहा कि टीचर्स कॉलोनी के सभी अध्यासी 9 नवंबर 2000 के सर्किल रेट पर ही फ्रीहोल्ड होंगे। इसके लिए चुड़ियाला हरिद्वार कैबिनेट के निर्णय में संशोधन किया जाएगा।
चौपाल में कांग्रेस प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी ने प्रेमनगर में राज्य पुनर्स्थापना एवं सहायता विभाग की जमीन में रहने परिवारों को मालिका हक देने की मांग की। जोशी ने कहा कि पूर्व सीएम विजय बहुगुणा ने इसकी घोषणा की थी, जिस पर मात्र 17 लोगों को मालिकाना हक मिला, जबकि अन्य परिवारों को छोड़ दिया गया।
चौपाल में महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, बीना बिष्ट, प्रदीप जोशी, प्रमोद गुप्ता, अमन बत्रा आदि मौजूद रहे। चौपाल से पहले मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में सामुदायिक भवन का शिलान्यास किया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक हरबंस कपूर भी मौजूद रहे।
कपूर पहुंचे तो कांग्रेसियों ने किया विरोध
विधायक हरबंस कपूर चौपाल में समस्याएं लेकर पहुंचे तो कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान के नेतृत्व में कुछ कांग्रेसियों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी समस्याएं विधान सभा में उठाएं।
पलटन बाजार से दोपहिया वाहनों से हटेगा प्रतिबंध
पलटन बाजार में अब शाम चार बजे के बाद भी दोपहिया वाहनों की आवाजाही होगी। पुलिस की ओर से तीन दिन के ट्रायल पर बाजार से प्रतिबंध हटाया गया था। चौपाल में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने कहा कि ट्रायल सफल रहा। बाजार में दोपहिया वाहन की आवाजाही से प्रतिबंध पूरी तरह से हटा दिया जाए। इस पर सीएम ने एसएसपी को प्रतिबंध हटाने के निर्देश दिए।
विधायक की रिपोर्ट अधूरी: मेयर
मेयर विनोद चमोली ने विधायक राजकुमार की अध्यक्षता में गठित मलिन बस्ती सुधार समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। समिति की रिपोर्ट को मेयर ने आधी-अधूरी और उपयोग विहीन बताया। मेयर ने कहा कि सरकार चाहे जो कहे, लेकिन रिपोर्ट स्वीकार नहीं हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर लाखों मलिन बस्ती वासियों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
नगर निगम में पत्रकारों से मेयर विनोद चमोली ने कहा कि मलिन बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक देने पर कैबिनेट ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है, यह असत्य है। हालांकि कैबिनेट की मजबूरी है कि वह सहमति जताए, चूंकि वोट की राजनीति है।
मेयर ने शहरी विकास सचिव डीएस गर्ब्याल की ओर से जारी आदेश की प्रति दिखाते हुए बताया कि सभी जिलों में जिलाधीशों की अध्यक्षता में मलिन बस्तियों के चिह्नीकरण, सीमांकन, अध्ययन करने के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें भूमि के स्वामित्व, बस्ती को नोटिफाइड किया जा सकता है अथवा नहीं, बस्ती को कहीं और बसाने व इसके विकास के स्वरूप के अध्ययन की जरूरत बताई गई है।
मेयर ने सवाल किया कि विधायक की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट समग्र और सारी बातें समेटे है तो यह आदेश क्यों किया गया? सरकार विधायक की रिपोर्ट से नाखुश है। एक सवाल के जवाब में मेयर ने कहा कि सरकार भ्रमित हो गई है। पांच साल तक सरकार कुछ नहीं कर पाई और अब मलिन बस्तीवासियों से वोट मांगे जाएंगे। लेकिन जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
मेयर के आरोप बचकाने और कुंठा से भरे : राजकुमार
मलिन बस्ती सुधार समिति के अध्यक्ष व विधायक राजकुमार ने मेयर के आरोपों को निराधार, बचकाना, अपरिपक्व और कुंठा से भरा बताया। राजकुमार ने कहा कि उनकी अध्यक्षता में समिति ने गहन शोध, अध्ययन, सर्वेक्षण किया है। मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट को प्रशंसनीय व संतुलित बताया है।
जहां तक जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में समितियों से रिपोर्ट मांगे जाने की बात है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। क्रियान्वयन में कोई कमी न रह जाए इसलिए ऐसा किया जा रहा है। इससे भाजपाई और विशेषकर मेयर बौखला गए हैं। उनके दोनों कार्यकाल विफलता की कहानी कह रहे हैं। सचिवालय के समक्ष आयोजित धरने में असलियत सामने आ गई।