- मत्स्य पालक विकास अभिकरण की प्रबंध समिति की 22 वीं बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण की सचिवालय में हुई प्रबंध समिति की 22 वीं बैठक हुई। बैठक में ट्राउट मछली पालकों को समय पर मछली के बीज उपलब्ध कराए जाने के लिए डेनमार्क से ट्राउट मछली के 25 लाख अंडे लाने पर सहमति बनी। वहीं, राज्य की विभिन्न झीलों के संरक्षण, संवर्धन और एक्वाटूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केज कल्चर कार्यों पर भी सहमति बनी।
विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि केज कल्चर मछली पालन की एक आधुनिक और कुशल तकनीक है, जिसमें नदियों, झीलों, जलाशयों जैसे प्राकृतिक जल निकायों में पिंजरे (जालीदार ढांचे) के अंदर मछलियां पाली जाती हैं। तिलापिया और पंगेशियस हैचरी के संचालन के लिए केंद्र सरकार की संस्थाओं से परामर्शी सेवाएं लेने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभागीय मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए सकारात्मक कार्यों को धरातल पर उतारे जाने के निर्देश दिए। मत्स्य पालकों की ओर से उत्पादित मछलियों के विपणन के लिए रोडमैप का अनुमोदन किया गया। वहीं, आवश्यक प्रमाणीकरण पर काम करने एवं पहले चरण में 100 टन ट्राउट मछली के निर्यात पर कार्य के निर्देश दिए गए। बैठक में अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता, सचिव मत्स्य डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निदेशक चन्द्र सिंह धर्मशक्त, खजान चन्द्र पाण्डेय, अनिल कुमार, अवधेश कुमार, शरद श्रीवास्तव, एचसी बिष्ट आदि मौजूद रहे।