40 नए वार्डों में भी वसूला जाएगा व्यावसायिक भवन कर
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। नगर निगम में शामिल 40 नए वार्डों में व्यावसायिक भवनों से कर वसूला जाएगा। दो महीने में इन वार्डों का सर्वे कर व्यावसायिक संपत्तियों का ब्योरा तैयार किया जाएगा। इसके लिए तीन दिन में कर निरीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जबकि पुराने वार्डों की व्यावसायिक संपत्तियों का 30 दिन में सत्यापन होगा।
मेयर सुनील उनियाल गामा ने शुक्रवार को नगर निगम में कर अनुभाग के अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने कहा कि निगम में शामिल 40 नए वार्डों में केवल आवासीय भवनों को 10 साल तक कर में छूट मिलेगी। इसके अलावा जो भी व्यावसायिक भवन या प्रतिष्ठान हैं, उनका सर्वे कर डाटा तैयार किया जाएगा। इन भवनों और प्रतिष्ठानों से निगम को करोड़ों रुपये राजस्व मिलने की संभावना है। इस धनराशि का उपयोग क्षेत्र के विकास में किया जाएगा। मेयर ने कर निरीक्षकों से उन्हें आवंटित वार्डों में मौजूद जिन व्यावसायिक संपत्तियों के सेल्फ असेसमेंट फार्म भरा गया है, उनका 30 दिन में निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने गलत सूचना देने वाले संपत्ति स्वामी से जुर्माने के साथ भवन कर वसूलने के भी निर्देश दिए। कहा कि छूटी हुई व्यावसायिक संपत्तियों का निरीक्षण कर उन पर भवन कर लगाने की भी बात कही। इस मौके पर नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय, उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त रविंद्र दयाल, कर अधीक्षक पूनम रावत, कर अधीक्षक विनय प्रताप आदि मौजूद रहे।
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अभी तक निगम नहीं पहुंचा शासनादेश
पिछले वर्ष अप्रैल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मेयर विनोद चमोली (तत्कालीन) ने निगम में शामिल 40 नए वार्डों में 10 साल तक भवन कर में छूट की घोषणा कर थी लेकिन करीब एक साल बाद भी नगर निगम प्रशासन के पास इसका शासनादेश नहीं पहुंचा है। हालांकि मेयर सुनील उनियाल गामा ने बताया कि नए वार्डों में आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का ब्योरा एकत्र करने को कहा गया है। आवासीय भवनों से तो 10 वर्ष तक टैक्स नहीं लिया जाएगा, जबकि व्यावसायिक भवनों से इसी वित्तीय वर्ष से कर वसूला जाएगा।
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मलिन बस्तियों में जून के पहले सप्ताह में लगेगा कैंप
मेयर गामा ने कर निरीक्षकों को मलिन बस्तियों में बने भवनों से कर वसूली के लिए जून के प्रथम सप्ताह में कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में नगर निगम क्षेत्र में 129 बस्तियां हैं।
--- खबर -2
खाली फ्लैट पर भी लगेगा भवन कर, बिल्डरों से होगी वसूली
- वर्ष 2014 से मौजूदा वित्तीय वर्ष तक का वसूला जाएगा भवन कर
- निगम को खाली फ्लैटों से एक करोड़ से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नगर निगम क्षेत्र में खाली फ्लैटों पर भी भवन कर लगेगा, इसकी वसूली बिल्डरों से की जाएगी। फ्लैटों पर वर्ष 2014 से लेकर मौजूदा वित्तीय वर्ष तक का भवन कर वसूला जाएगा। अगर बिल्डर भवन कर जमा नहीं कराता है तो फ्लैट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। निगम को इससे एक करोड़ से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।
मेयर गामा ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में एक हजार से अधिक फ्लैट और मकान खाली पड़े हैं। जिसका भवन कर अभी तक बिल्डरों ने जमा नहीं कराया है। इन फ्लैटों का सर्वे कर वर्ष 2014 से भवन कर वसूला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि खाली फ्लैटों के जरिये निगम को सालाना एक करोड़ से अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि अगर कोई फ्लैट 2014 में बनाया गया है और उसकी बिक्री 2016 में हुई। ऐसे में बिल्डर से वर्ष 2016 में बिक्री की तिथि तक का भवन कर वसूला जाएगा, जबकि शेष भवन कर फ्लैट या मकान विक्रेता से वसूला जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों ने फ्लैट या मकान ले लिया पर वह मौजूदा समय पर उसमें नहीं रह रहे हैं, उन्हें भी हाउस टैक्स देना होगा। इसके अलावा जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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--- खबर -3
75 करोड़ का भवन कर वसूलेगा निगम
- पिछले वित्तीय वर्ष के सापेक्ष तीन गुना बढ़ाया लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नगर निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ने के साथ ही भवन कर का लक्ष्य भी बढ़ा दिया गया है। शुक्रवार को मेयर गामा ने कर अनुभाग के अधिकारियों को मौजूदा वित्तीय वर्ष में 75 करोड़ रुपये भवन कर वसूलने का लक्ष्य दिया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के सापेक्ष तीन गुना अधिक है।
नगर निगम का दायरा 60 से बढ़कर 100 वार्डों का हो गया है। ऐसे में मेयर गामा ने कर अनुभाग के लक्ष्य में भी बढ़ोतरी कर दी है। मेयर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र का दायरा बढ़ने से लाखों की संख्या में भवन करदाता शामिल हो गए हैं। जिसके चलते भवन कर में काफी बढ़ोतरी होगी। कहा कि पुराने 60 वार्डों में अब भी हजारों की संख्या में लोग भवन कर नहीं जमा करा रहे हैं। मौजूदा समय में एक लाख से अधिक लोग निगम को हाउस टैक्स दे रहे हैं। सर्वे के बाद करदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक हो जाएगी। ऐसे में निगम के टैक्स में बढ़ोतरी होगी।
पिछले वित्तीय वर्ष में कर अनुभाग को 25 करोड़ रुपये भवन कर वसूलने का लक्ष्य दिया गया था। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2017-18 में 18 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था। वहीं संबंधित अधिकारियों के मुताबिक 75 करोड़ रुपये भवन कर वसूली का लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा।