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गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए महासंकल्प नौ को

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गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए महासंकल्प नौ को
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
देहरादून। गोमाता को राष्ट्रमाता सम्मान दिलाने के लिए भारतीय गौक्रांति मंत्र संगठन की ओर से नौ सितंबर को परेड ग्राउंड में गो राष्ट्रमाता प्रतिष्ठा महासंकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर संगठन अपनी पांच सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेगा और विधानसभा से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजने के लिए आह्वान करेगा।
यह जानकारी मंगलवार को रिस्पना पुल के पास एक वैवाहिक स्थल में मौजूद संत गोपाल मणि ने पत्रकारों को बातचीत के दौरान दी। संत गोपाल मणि ने कहा कि गाय इस देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी होने के साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और आर्थिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। बीते करीब 72 साल से गो हत्या बंदी की मांग की जा रही है, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली है। सरकार ने गोमाता को पशु मंत्रालय के अधीन रखा है। जबकि जिस दिन गो माता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक सम्मान मिल जाएगा उसी दिन से गो हत्या बंद हो जाएगी। इस मौके पर मनाहर लाल जुयाल, बलवीर पंवार, अजयपाल सिंह रावत, शूरवीर सिंह, यशवंत सिंह रावत, सूरतराम डंगवाल, आनंद सिंह, रावत, राकेश सेमवाल, गीतराम गौड़, सुशील गौड़, वसुमति पंवार आदि मौजूद रहे।
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पांच सूत्री मांग को लेकर आंदोलनरत है संगठन
गोमाता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने, गोबर का उचित मूल्य दिलाने, 10 वर्ष तक के बच्चों को गाय का दूध मिले, गोचर भूमि मुक्त करने और जर्सी गाय के बजाय भारतीय गाय का संवर्धन कराने की मांग को लेकर भारतीय गौक्रांति मंत्र संगठन लंबे अरसे से मुहिम छेड़े हुए है।
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दूध से पैसा न कमाए सरकार
संत गोपाल मणि ने कहा कि सरकार दूध से पैसा कमाने की बजाय गोबर से पैसा कमाए। मणि ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान से दूध उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, लेकिन भारतीय संस्कृति को तोड़ा जा रहा है। वहीं नकली दूध का उत्पाद कर नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। किसानों की आय दुगनी करने के लिए सरकार कदम तो उठा रही है, लेकिन ऐसे प्रयास सकारात्मक कम स्वार्थी भाव से ज्यादा प्रेरित हैं।
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