ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सुप्रीम कोर्ट से कंपाउंडिंग पर लगी रोक हटने के बाद उन हजारों भवन स्वामियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने कंपाउंडिंग का आवेदन किया हुआ है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) सचिव ने भी सहायक और अवर अभियंताओं को हजारों की संख्या में लंबित पड़े कंपाउंडिंग को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को एमडीडीए सचिव पीसी दुमका की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने कंपाउंडिंग के लिए अभियंताओं का लक्ष्य तय किया। उन्होंने सहायक और अवर अभियंताओं को पुराने मामलों में तत्काल सुनवाई नोटिस जारी करने को कहा। साथ ही ऑनलाइन लंबित मामलों में कार्रवाई को कहा। अवर अभियंताओं के पास लंबे समय से लंबित पड़े मामलों में कार्रवाई नहीं करने पर सचिव ने नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कंपाउंडिंग पर लगी रोक हटा दी है। ऐसे में अवर अभियंता कंपाउंडिंग के मामलों को तेजी से निपटाएं।
सचिव दुमका के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद कंपाउंडिंग पर सुनवाई शुरू होगी। वहीं, पुराने मामलों पर कार्रवाई के लिए सहायक एवं अवर अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कंपाउंडिंग उन्हीं निर्माण का संभव है, जो नियमों को पूरा करेंगे। सड़क पर किसी भी निर्माण की कंपाउंडिंग नहीं की जाएगी। साथ ही बिना पार्किंग वाले कांप्लेक्स को भी कोई छूट नहीं दी जाएगी। बीते 28 जून से अतिक्रमण हटाओ अभियान चल रहा है। इस दौरान सीलिंग के चलते 300 से अधिक भवन स्वामी कंपाउंडिंग के मामले लेकर एमडीडीए पहुंचे, लेकिन रोक के चलते कार्रवाई ठप थी। कुल मिलाकर कंपाउंडिंग के करीब एक हजार मामले लंबित हैं।