ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
असम राइफल्स को दोहरे नियंत्रीकरण से मुक्ति नहीं दी गई तो केरल स्थित मुख्य कार्यालय के निर्देशानुसार सभी पूर्व सैनिक दिल्ली में धरना-प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय रविवार को असम राइफल्स पूर्व सैनिक कल्याण संगठन की बैठक में लिया गया।
रायवाला स्थित सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बैठक हॉल में रविवार को सूबेदार जगदंबा प्रसाद ममगांई (रिटा.) की अध्यक्षता में हुई बैठक में सबसे पहले शहीदों के लिए मौन प्रार्थना और श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कमांडेंट ओम प्रकाश (रिटा.) ने सैनिकों के साथ चर्चा की। संगठन सचिव जेसीओ अशोक नेगी (रिटा.), अरेवा ऋषिकेश अध्यक्ष हवलदार पूरन सिंह कालड़ा (रिटा.) ने संगठन के कार्यों पर प्रकाश डाला। इसमें मुख्यतौर पर असम राइफल्स के के लिए ईसीएचएस की सुविधा देने की बात पर चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि बल को दोहरे नियंत्रीकरण से मुक्त करने के लिए पांच जुलाई को हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन दिया गया था, जिस पर संसद में चर्चा प्रस्तावित है। इसके बाहद भी अगर सरकार उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो संगठन के केरल स्थित मुख्यालय के निर्देशानुसार सभी पूर्व सैनिक दिल्ली में अनुशासनात्मक धरना-प्रदर्शन करेंगे। मांगों का समाधान न निकलने पर पूर्व सैनिकों ने 2019 के लोकसभा चुनावों में भुगतान की चेतावनी दी है। इस अवसर पर सात पूर्व सैनिकों को संगठन की सदस्यता ग्रहण कराई गई। इस मौके पर सुबेदार मेजर घनश्याम (रिटा.), सुबेदार कलम सिंह चौधरी (रिटा.), सुबेदार जीसी बडोला (रिटा.), सुबेदार अशोक नेगी (रिटा.) आदि मौजूद रहे।