जांच समिति ने डॉक्टरों, कर्मचारियों को दी क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
पिछले दिनों दून अस्पताल में भर्ती मरीज की इलाज के दौरान मौत होने और शव को कंधे पर लादकर ले जाने के प्रकरण की जांच पूरी कर ली गई है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य की अगुवाई में गठित विशेष जांच कमेटी ने पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद प्रकरण से जुड़े स्वास्थ्य अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी है। जांच टीम का मानना है कि दून अस्पताल मेें ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों के स्तर से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों दून अस्पताल में भर्ती बिजनौर निवासी मरीज सोनू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मौत के बाद सोनू के बड़ा भाई पंकज स्ट्रेचर नहीं मिलने पर शव को कंधे पर लादकर चला गया था। इस प्रकरण के उजागर होने पर सरकार, स्वास्थ्य विभाग और दून अस्पताल प्रबंधन की भी जमकर किरकिरी हुई थी। प्रकरण उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वास्थ्य महानिदेशक को प्रकरण की जांच करने और इस पूरे प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले अस्पताल के स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी अपने स्तर पर जांच कमेटी गठित कर प्रकरण की जांच के निर्देश जारी किए थे।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता की अगुवाई में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने प्रकरण की कई दिन की जांच के बाद ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को क्लीन चिट दे दी है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता का कहना है कि प्रकरण से जुड़े तमाम पहलुओं की गंभीरता से जांच की गई, लेकिन जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों की कोई गलती नहीं पाई र्र्गई है। मरीज की मौत के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने न सिर्फ आर्थिक मदद की, बल्कि निजी एंबुलेंस को बुलाकर उसने शव को रखकर बिजनौर भेजा।
प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता का यह भी कहना है कि जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य अधिकारियों और पैरामेडिकल की कोई लापरवाही नजर नहीं आई। छोटे भाई की मौत के बाद उसका भाई अपने आप शव को कंधे पर लादकर चला गया। वह काफी तनाव में था। तनाव के चलते उसने ऐसा कदम उठाया। उसने स्ट्रेचर के लिए न तो ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ को बताया और न ही स्वयं स्ट्रेचर की खोजबीन की।