रिस्पना में सीधे डाली जा रही 2900 घरों की गंदगी
जूही प्रजापति
देहरादून।
रिस्पना नदी में 2900 घरों की गंदगी सीधे डाली जा रही है। पेयजल निगम ने रिस्पना नदी स्वच्छ करने की कवायद के तहत सर्वे किया तो यह हकीकत सामने आई है। इस गंदगी को रिस्पना में जाने से रोकने के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। निगम अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को शासन भेजा जाएगा, स्वीकृति मिलते ही योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
करीब दो साल पहले रिस्पना का हाल देखकर कुछ संस्थाओं ने आवाज उठानी शुरू की तो इस ओर सरकार का भी ध्यान गया। नदी के पुनर्जीवन को लेकर सरकार ने भी योजना बनाने की घोषणा की। जिसके तहत पेयजल निगम इस प्रस्ताव पर दो महीने से कार्य कर रहा है। इससे पहले निगम की टीम ने नदी का सर्वे किया था। जिसमें घरों से पाइप के जरिये सीधे नदी में गंदगी डालने की 2900 जगह चिन्हित की गईं। इसके अलावा विभिन्न इलाकों से 177 नाले-नालियों की गंदगी भी रिस्पना को दूषित कर रही है। निगम का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से रिस्पना में सीवर की गंदगी नहीं पहुंचेगी और नदी स्वच्छ करने में यह योजना काफ ी कारगर साबित होगी।
शहर के पूर्वी हिस्से से होकर बहने वाली नदी का जल दशकों पहले निर्मल हुआ करता था। 17 साल पहले अलग राज्य बनने पर दून को राजधानी बनाया गया तो यहां तेजी से शहरीकरण हुआ। जिसका नतीजा ये हुआ कि चारों तरफ सैकड़ों बस्तियां बस गईं और शहर का विस्तार होता चला गया, लेकिन अनियोजित तरीके से बसी बस्तियों-कॉलोनियों ने शहर की सूरत बिगाड़ दी। इसका सबसे बुरा असर शहर के बीच से गुजर रही नदियों पर पड़ा। शहर की गंदगी बिंदाल और रिस्पना नदी में डाले जाने से ये नदियां, गंदे नाले जैसी हो गईं हैं। शासन से प्रस्ताव पास होने पर चिन्हित किए गए सभी घरों की गंदगी और नाले-नालियों को मोथरोवाला स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। इसलिए योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए पेयजल निगम ने करीब 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
कोट
रिस्पना को गंदगी से मुक्त करने के लिए 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसे जल्द शासन को भेजा जाएगा और मंजूरी के बाद काम शुरू होगा।
- भजन सिंह, एमडी, पेयजल निगम