ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
वन आरक्षियों ने वन विभाग में वन दारोगा के 33 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती के विरोध में शुक्रवार से तीन दिवसीय प्रदेश व्यापी धरना शुरू कर दिया। राजधानी में संगठन से जुड़े वन आरक्षियों ने वन संरक्षक कार्यालय में प्रदर्शन किया। हरिद्वार, लैंसडॉन, नरेंद्र नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ आदि जनपदों में वन आरक्षियों ने रेंज एवं प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया।
शुक्रवार को उत्तराखंड वन आरक्षी संघ के बैनर तले शिवालिक वृत्त के वन संरक्षक कार्यालय में वन आरक्षियों ने वन दारोगा के पदों पर सीधी भर्ती का विरोध कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। कहा कि विभाग में वन दारोगा के शत प्रतिशत पदों को प्रमोशन से भरा जाए। सीधी भर्ती से उनके प्रमोशन प्रभावित हो रहे हैं। संगठन के देहरादून डिविजन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने कहा कि वन रक्षक से वन दारोगा के पदों पर प्रमोशन के लिए दस साल की सेवा की अनिवार्यता को भी समाप्त किया जाए। संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल पंवार ने कहा कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ कोटद्वार, उत्तरकाशी, चकराता वन प्रभाग, गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी, पुरोला, बड़कोट, कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग, रुद्रप्रयाग, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, चंपावत वन प्रभाग सहित समस्त प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। 26 मार्च तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद भी मांग पर अमल न होने पर 27 मार्च से प्रदेश भर के वन आरक्षी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। धरना देने वालों में मंत्री राजेश बहुगुणा, उपाध्यक्ष राजेश डोभाल, हरपाल गुसांई, अमरीक सिंह, राजपाल सिंह, अशोक कुमार, राकेश, बलवंत सिंह जगपांगी आदि शामिल रहे।
...................
मसूरी में भी गरजे वन आरक्षी
मसूरी।
उत्तराखंड वन आरक्षी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शुक्रवार को वन आरक्षी व वन बीट अधिकारियों ने दो सूत्री मांगों को लेकर मसूरी वन प्रभाग मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को मसूरी वन प्रभाग मुख्यालय में एकत्र हुए वन आरक्षी और बीट अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए रखी गई 10 साल की बाध्यता खत्म की जाए और वन दरोगा पद पर सीधी के प्रस्ताव को वापस लिया जाए। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष आशीष कोठारी, संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह रावत, गोविंद सिंह कोकलियाल, राकेश रावत, सुरेश कुमार, गौतम क्षेत्री, हरविंद रावत, दीवान सिंह नेगी, नारायण सिंह, सुरेश नेगी, रमेश नेगी, यामीन खान आदि शामिल थे।