ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से संस्कृत के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी देहरादून से संस्कृत नाट्य यात्रा का आगाज हुआ। यहां हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने महाकवि भास रचित संस्कृत नाटक उरुभंगम् की मनमोहक प्रस्तुति से लोगों की दिल जीत लिया। द्रोणस्थली आर्य कन्या गुरुकुल महाविद्यालय की छात्राओं ने मांगल गीत प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि उत्तराखंड सांस्कृतिक अकादमी के सचिव गिरधर सिंह भाकुनी ने कहा कि संस्कृत के उत्थान के लिए नाट्य यात्रा शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश के आठ स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक अकादमी की ओर से हर साल यात्रा शुरू की जाती है, लेकिन इस बार यात्रा में कुछ देरी हुई है। श्री गुरु राम राय संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.नत्थी लाल भट्ट ने बताया कि इसके बाद परमार्थ निकेतन ऋषिकेश, प्रेस क्लब नई टिहरी, नगर पालिका भवन रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग चमोली, स्याल्दे बाजार अल्मोड़ा, काशीपुर ऊधमसिंह नगर, ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज, ऋषिकुल परिसर हरिद्वार में अलग-अलग दिन नाट्य मंचन किया जाएगा। मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश महामंत्री सुनील उनियाल गामा, सुभाष बर्त्वाल, हरीश चंद्र गुरुरानी, मनोज मौजूद थे।
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प्रसिद्ध संस्कृत नाटक है उरुभंगम
महाकवि भास का चरित उरुभंगम् एक प्रसिद्ध नाटक है, जो महाभारत युद्ध के अंतिम अंश से संबंध रखता है। नाटक के शुरुआत में भाटों की ओर से युद्धभूमि की विभीषिका का वर्णन किया गया है। भाट दुर्योधन और भीम के बीच युद्ध का आंखों देखा वर्णन प्रस्तुत करते हैं। अंत में दुर्योधन धराशायी हो जाता है। नाटक में गोपाल बडोनी, केशव नौडियाल, कृष्णकांत, विमल सेमवाल, नरदेव गोदियाल, पंकज, सौरभ जोशी, विपिन चंद्र जोशी, अभिषेक पोखरियाल, सागर सुंद्रियाल, अल्का पैन्यूली, बबीता, दीपशिखा और तनुजा पांडे ने विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई।